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जबलपुर में दो डॉक्टर सहित 30 नए कोरोना पॉजिटिव, मरीजों की संख्या 868 हो गई - एक मौत

जबलपुर में दो डॉक्टर सहित 30 नए कोरोना पॉजिटिव, मरीजों की संख्या 868 हो गई - एक मौत

डिजिटलन डेस्क जबलपुर । जिले में मंगलवार को कोरोना के 30 नए मरीज मिले हैं, वहीं सोमवार की देर रात भर्ती बुजुर्ग की मौत के बाद कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मृत हुए गोहलपुर  निवासी 68 साल के मरीज को साँस की तकलीफ होने पर सस्पेक्टेड वार्ड में भर्ती किया गया था। अन्य मरीज में दो डॉक्टर तथा एक एल्गिन अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर का सहायक शामिल है। इस तरह जबलपुर में कोरोना मरीजों की संख्या 868 हो गई है । नए मरीजों में एल्गिन अस्पताल की 39 साल की महिला चिकित्सक जो कि दो दिन पहले यहां संक्रमित मिली मरीज के संपर्क में थीं, मंगलवार को कोरोना संक्रमित मिली हैं। इनके साथ ही यहां के ऑपरेशन थिएटर का 39 साल का सहायक भी संक्रमित मरीज के संपर्क से पॉजिटिव हुआ है। एक अन्य डॉक्टर जसूजा सिटी निवासी मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर हैं। अन्य मरीजों में नर्मदा रोड ग्वारीघाट निवासी बैंगलोर से 17 जुलाई को शहर आए 50 साल के व्यक्ति, बड़ी महाकाली के पास गढ़ा फाटक निवासी 62 साल तथा   राइट टाउन निवासी 84 वर्षीय वृद्ध हैं। 
इनके अलावा कुचैनी परिसर दमोहनाका निवासी 67 साल के वृद्ध, जीआरपी कॉलोनी निवासी कटनी में पदस्थ रेल पुलिस के 58 साल के कांस्टेबल, सिहोरा के नुरसिंघी गांव का 26 साल का युवक, ओएफके में कार्यरत मानेगांव चम्पानगर  निवासी 49 वर्षीय पुरुष, एसएएफ की छठवीं बटालियन का जवान शामिल है। इनके साथ ही जागृति नगर अमखेरा रोड गोहलपुर निवासी 40 साल के पुरुष एवं 65 साल की महिला, संजीवनी नगर निवासी 27 साल का युवक,  निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत और पूर्व में पॉजिटिव आये अपने सहकर्मी के सम्पर्क में रहे संस्कार कॉलोनी न्यू रामनगर निवासी 35 वर्षीय पुरुष, गांधी नगर न्यू कंचनपुर निवासी 25 साल का युवक एवं रसल चौक में कम्प्यूटर शॉप का संचालक अधारताल निवासी 44 वर्ष का व्यक्ति शामिल है। इनके साथ ही विजय नगर निवासी 45 वर्ष का पुरुष, जवाहरगंज निवासी 67 साल का वृद्ध, पूर्व संक्रमित के सम्पर्क में आई पूर्वी बेलबाग घमापुर निवासी 24 साल की महिला,  आरटीओ  एजेंट आजाद नगर रांझी निवासी 26 साल का युवक तथा पूर्व में संक्रमित पाये गये व्यक्ति के सम्पर्क में आए ईसाई मोहल्ला गोरखपुर निवासी 45 एवं 43 वर्ष के पुरुष शामिल हैं।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।