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सतना पुलिस के हत्थे चढ़े रीवा के 4 ट्रक लुटेरे  - सक्रिय था अंतरराज्यीय गिरोह

सतना पुलिस के हत्थे चढ़े रीवा के 4 ट्रक लुटेरे  - सक्रिय था अंतरराज्यीय गिरोह

डिजिटल डेस्क सतना। लॉकडाउन के दौरान नेशनल हाइवे पर प्रयागराज से कटनी के बीच सतना-रीवा और  सीधी समेत 5 जिलों में ट्रकों में लूट की 18 वारदात के लिए जिम्मेदार एक अंतरराज्यीय गैंग के 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि गिरोह के 2 सदस्य अभी फरार हैं। पकड़ में आए सभी लुटेरे रीवा के रहने वाले हैं। इनके पास से 50 हजार की नकदी, एक लोडेड देशी कट्टा, एक अन्य जिंदा कारतूस, बकानुमा 2 धारदार चाकू, डंडे और वारदात में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी नंबर एमपी 18 टी 2574 बरामद कर जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-399, 402, 25-27 आम्र्स एक्ट और एडी एक्ट 11-13 के तहत अपराध कायम किया गया है।
2 राज्यों के 5 जिलों में 18 वारदात  :-------
एसपी ने बताया कि अमहिया रीवा निवास 26 वर्षीय इस्तीयाक खान ऊर्फ सोनू पिता मोहम्मद करीम उल्ला इस गिरोह का गैंग लीडर था। जब्त की गई बोलेरो भी इसी की है। पकड़ में आए इसके अन्य आरोपी राणा उर्फ मो.सलमान उर्फ इस्तियाख पिता शमसुद्दीन (25) निवासी सूरा थाना मनगवां (हाल मुकाम निपनिया रीवा), अली असगर मंसूरी ऊर्फ सोनू पिता गुलाम सरवर खान (24) निवासी अमहिया बड़ी दरगाह के पास (रीवा) और अजरूद्दीन ऊर्फ मोनू पिता मोहम्मद इदरीश (25) अमहिया बडी दरगाह के पास रीवा के रहने वाले हैं। इनमें से भागने की कोशिश में गिरने से राणा उर्फ सलमान के हाथ-पैर में चोट आई है।
ऐसे आए पकड़ में :----
बताया गया है कि गिरोह के सभी सदस्य नशे के आदी हैं। हाल ही में रीवा सतना के बीच रात में संदिग्ध हालत में देखी गई गिरोह की बोलरो तब पुलिस को चकमा देकर गायब हो गई थी। मामला संज्ञान में आने पर संदिग्ध किस्म के वाहन को ट्रैक कराने की जिम्मेदारी एसपी रियाज इकबाल ने एडीशनल एसपी गौतम सोलंकी को सौंपी थी। श्री सोलंकी ने इस संबंध में रीवा पुलिस को अवगत कराया और साइबर के साथ क्राइम टीम भी सक्रिय की गई। दोनों जिलों की टीमों ने अलग -अलग मुखबिर तंत्र सक्रिय किए तो पता चला कि मौजूदा समय में गैंग का मूवमेंट धारकुंडी थाना क्षेत्र में है। धारकुंडी समेत सभापुर और मझगवां थानों की पुलिस को घेराबंदी के निर्देश दिए गए। मौके की ओर अलग-अलग दिशाओं से बढ़ीं पुलिस पार्टियों ने धारकुंडी के हरदी मोड़ में सड़क किनारे खड़ी सफेद रंग की बोलेरो देखी। गाड़ी 2  लोग सवार थे,जबकि 4 अन्य इधर-उधर छिपे हुए थे। पुलिस ने घेरकर पकड़ा तो 2 आरोपी भाग गए,जबकि 4 पकड़ में आ गए। पूछताछ में आरोपियों ने यूपी के प्रयागराज,  सतना-रीवा,सीधी और कटनी में लॉकडाउन के दौरान ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर से मारपीट कर लूटपाट की 18 वारदातें स्वीकार की हैं। लुटेरों ने बताया कि
नेशनल हाइवे पर सूनसान जगहों में ट्रक के आगे बोलेरो लगाकर , कट्टा अड़ाते थे और मारपीट कर नकदी लूट लेते थे। वारदात के बाद भागने के लिए ग्रामीण क्षेत्र  के शार्टकट रास्तों का उपयोग करते थे। बताया गया है कि टोल प्लाजा बंद होने के कारण आरोपी सीसीटीवी की निगरानी से भी बच जाते थे।  
 इन्होंने निभाई अहम भूमिका :------
 एसपी ने बताया कि इस कामयाबी में अमरपाटन के थाना प्रभारी राजेन्द्र मिश्रा, कोटर के थानेदार गोपाल चौबे, सिंहपुर थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी, धारकुंडी थाना प्रभारी विक्रम पाठक और मझगवां थानेदार ओपी सिंह के अलावा क्राइम दस्ता के आरक्षक रमाकांत तिवारी, अरविंद पटेल, राहुल, अभिषेक, जगदीश मीणा, साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह, प्रधान आरक्षक दीपेश कुमार, आरक्षक वीपेन्द्र मिश्रा, सीसीटीवी सतना के आरक्षक संदीप सिंह और रीवा क्राइम टीम के उप निरीक्षक अभिषेक पांडेय, आरक्षक आरडी पटेल, द्वारिका पटेल, शरद सिंह, हाफिज रहमान, पवन पाठक, अभिषेक पांडेय और साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत विश्वकर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।