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 रिश्वत लेने वाले एएसआई को 4 वर्ष की कठोर कैद -10 हजार का अर्थ दंड 

 रिश्वत लेने वाले एएसआई को 4 वर्ष की कठोर कैद -10 हजार का अर्थ दंड 

डिजिटल डेस्क सतना। चार्जशीट से नाम हटाने के एवज में महज 3 हजार रुपए की रिश्वत अंतत: पुलिस के एक एएसआई को महंगी पड़ गई। पीसी एक्ट की स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रवीन्द्र प्रताप सिंह चुंडावत ने ताला थाना क्षेत्र के तहत मुकुंदपुर चौकी के तबके इंचार्ज रामनरेश वर्मा को 4 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। आरोप प्रमाणित पाए जाने पर एएसआई को अदालत ने 10 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। 
 लोकायुक्त ने पकड़ा था रंगेहाथ 
पीआरओ हरिकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि मुकुंदपुर के चौकी प्रभारी रामनरेश वर्मा ने वर्ष 2013 की 14 जुलाई  को ककलपुर के दुबहा टोला निवासी नरेश त्रिपाठी और उनके बेटे पंकज को चौकी में तलब कर चार्जशीट से नाम हटाने के लिए 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। चौकी प्रभारी का कहना था कि बेटे के खिलाफ दशरथ कुशवाहा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।  फरियादी ने 14 जुलाई को चौकी प्रभारी को रिश्वत के तौर पर 15 सौ रुपए दिए और शेष 13 सौ रुपए बाद में देने की बात हुई। उधर,फरियादी ने मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से कर दी। लोकायुक्त की एक छापामार टीम ने रणनीति बनाई और  चौकी प्रभारी रामनरेश वर्मा को एक हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध  पीसी एक्ट की धारा 7 और 13(1)डी का अपराध साबित होने पर एएसआई रामनरेश वर्मा  पिता श्यामलाल वर्मा निवासी धनहा(सीधी) को जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक फखरूद्दीन ने पक्ष रखा।
 

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