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40 करोड़ वसूलने अब बकायादारों की प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री पर रोक

40 करोड़ वसूलने अब बकायादारों की प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री पर रोक

डिजिटल डेस्क जबलपुर । प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने की रजिस्ट्री कराने के बाद  स्टाम्प ड्यूटी जमा नहीं करने वालों पर पंजीयन विभाग ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। इसकी बाकायदा सूची तैयार की गई है। स्टाम्प ड्यूटी जमा नहीं होने से बकाया राशि हर साल बढ़ रही है। पंजीयन विभाग ने ऐसे आधा सैकड़ा बकायादारों की लिस्ट तैयार की और जब बकाया राशि का आँकड़ा निकाला तो यह 40 करोड़ के पार पहुँच गया। विभाग ने पहले तो इन्हें नोटिस दिया और बकाया राशि जमा करने के लिये कहा, इसके बाद भी जब पैसा नहीं मिला तो अधिकारियों ने अब इनकी प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। 
पंजीयन विभाग से रजिस्ट्री कराने के बाद कई लोगों ने तो दस्तावेज भी नहीं लिये हैं, यही वजह है कि बकायादारों की सूची लंबी होती चली गई और बकाया राशि भी बढ़ती गई। विभाग ने जब पिछले 4 साल के ही बकायादारों की लिस्ट तैयार की और 50 बड़े बकायादारों का बकाया निकाला तो 40 करोड़ के लगभग यह राशि पहुँच गई, अगर यह राशि मिल जाती है तो विभाग का खजाना भर जायेगा। भले ही इस राशि को विभाग की आय में नहीं जोड़ा जायेगा लेकिन विभाग का जो बोझ है वह कम हो जायेगा। रजिस्ट्री िवभाग के दोनों पंजीयकों ने ऐसे बकायादारों को नोटिस भेज दिया है और जल्द से जल्द राशि जमा करने कहा है। िफलहाल तो इन सभी की रजिस्ट्री पर रोक लगी हुई है और उपपंजीयकों को स्पष्ट आदेश दिये गये हैं कि किसी भी हाल में इनकी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री नहीं होनी चाहिये। 
रजिस्ट्री शून्य भी हो सकती है
रजिस्ट्री कराने के बाद भी बकाया जमा न करने वालों में सबसे बड़ी राशि 1 करोड़ 40 लाख की सिहोरा स्थित एक खदान वाले के ऊपर है, इसी तरह 60 लाख की बकाया राशि एक बिल्डर से लेनी है, वहीं एक और बिल्डर से 33 लाख से ज्यादा राशि लेनी है। इन बकायादारों की प्रॉपर्टी की खरीदी और बिक्री तो नहीं होगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर अब भी ये दस्तावेजों की बकाया राशि जमा नहीं करते हैं तो इनकी रजिस्ट्रियों को शून्य करने का अधिकार भी विभाग के पास है। 
ट्टपिछले 4 साल का आँकड़ा िनकालने पर ही बकायादारों पर बड़ी राशि बकाया निकली है, िफलहाल तो सभी को नोटिस भेज दिये गये हैं और इनकी रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद भी बकाया राशि नहीं मिलती है और िनयमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी। 
-निधि जैन, जिला पंजीयक
 

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