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प्रतिबंध अवधि में नदियों के पास से 5 पोकलेन और एक जेसीबी हुई जब्त

प्रतिबंध अवधि में नदियों के पास से 5 पोकलेन और एक जेसीबी हुई जब्त

ठेका कंपनी वंशिका कंस्ट्रक्शन पर खनिज विभाग रहा मेहरबान, जारी रहा अवैध उत्खनन
डिजिटल डेस्क शहडोल ।
वर्षाकाल में रोक के बावजूद  भुरसी, रसपुर, लोढ़ी, बोड्डिहा खदानों में रेत का खनन हुआ।  रात के समय मशीन लगाकर रेत निकाली गई और दिन में अवैध रूप से उत्खनित रेत परिवहन कर दी जाती रही। नदियों के पास से पांच पोकलेन और एक जेसीबी मशीन भी जब्त की गई। इस सबके पीछे रेत खदानों के समूह का ठेका लेने वाली वंशिका कंस्ट्रक्शन का कई बार नाम आया। यह भी सामने आया कि वंशिका द्वारा स्थानीय लोगों के साथ मिल कर यह काम किया गया लेकिन खनिज विभाग की मेहरबानी उसे हर बला से बचा रही।
मेहरबानी की लंबी फेहरिस्त
- 20 जुलाई को चूंदी नदी से रेत का अवैध उत्खनन करते हुए जो पोकलेन नदी में फंस गई थी। उसे निकलवाने के बाद वंशिका ग्रुप के कर्मचारी गजेंद्र सिंह की सुपुर्दगी में दे दिया गया। दो दिन बाद मशीन वहां से गायब हो गई। 
- अगस्त के प्रथम सप्ताह में चूंदी नदी में ही लोढ़ी के पास एक और पोकलेन जब्त की गई। रात में ही विभाग के अधिकारियों ने मशीन की जब्ती बनाई और कंपनी के कर्मचारी की सुपुर्दगी में दे दी। सुबह मशीन वहां से गायब हो गई। 
- इस मामले में गजेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया गया लेकिन उसका अता-पता नहीं। वंशिका को सीधे नोटिस देने की जहमत तक नहीं उठाई गई। अधिकारी अब कह रहे हैं कि पता लगाया जा रहा है।  
- अवैध भंडारण के 8 मामलों में जब्त 591 घन मीटर रेत वंशिका की सुपुर्दगी में दे दी गई, जबकि विभाग चाहता तो कलेक्टर से अनुमति लेकर इसे सरकारी निर्माण कार्यों में उपयोग के लिए भी हस्तांतरित कर सकता था।
तीन माह में 61 मामले पंजीबद्ध हुए पर न एफआईआर हुई न वाहन किए राजसात
बीते तीन महीने दरम्यान रेत के अवैध खनन के 7 और अवैध परिवहन के 61,  कुल 68 प्रकरण खनिज विभाग में पंजीबद्ध हुए। हालांकि अधिकतर मामले पुलिस ने सौंपे थे। इनमें 14 लाख का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया। अवैध परिवहन के एक भी मामले में अभी तक एफआईआर नहीं हुई और जो 68 वाहन जब्त किए गए वे भी राजसात नहीं किए गए।

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