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75 वाहनों की जाँच, 23 में मिली मनमानी बसों में क्षमता से अिधक सवार मिले यात्री

75 वाहनों की जाँच, 23 में मिली मनमानी बसों में क्षमता से अिधक सवार मिले यात्री

सीधी बस दुर्घटना के बाद हरकत में आया परिवहन का अमला, कई पर जुर्माना
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
सीधी बस दुर्घटना के बाद बसों की जाँच लगातार जारी है। शुक्रवार को अंधमूक चौराहा, बायपास, कुसनेर और सिहोरा रोड पर कुल 75 वाहनों की जाँच की गई, जिनमें 23 में अनेक तरह की खामियाँ सामने आई हैं। दो बसों में कंडक्टर  के पास लाइसेंस ही नहीं था। करीब 10 बसों में क्षमता से अधिक यात्री बैठे पाए गए। इसके साथ किसी बस में प्रदूषण का प्रमाण पत्र नहीं था, तो किसी में ड्राइवर पूरी तरह से  मोटर व्हीकल एक्ट की धज्जियाँ उड़ा रहा था। परिवहन विभाग ने  इस कार्रवाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में 41 हजार रुपए का जुर्माना भी वूसला। 
इधर लोगों का कहना है कि बसों और ऐसे यात्री वाहनों में नियम की अनदेखी तो लंबे समय से की जा रही है। राह चलता आदमी समझ सकता है कि जो वाहन हैं इनमें कई तरह की खामियाँ हैं, हर हाल में इसमें सुधार होना जरूरी है। अंधमूक चौराहे से बरगी जा रहे सेवालाल पटेल व बड्डू ठाकुर ने कहा कि अब तक ऐसे वाहनों को नियम विरुद्ध चलाने के लिए छूट क्यों दी गई। आम आदमी यही चाहता है कि जाँच का सिलसिला लगातार चले, तो ही इसमें कुछ सुधार हो सकता है, नहीं तो आगे सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही लौटने वाला है। जाँच पूर्व की तरह ही सिर्फ खाना-पूर्ति और रस्मअदायगी के अंदाज में नहीं होनी चाहिए। 
32 सीट, बैठा लिए 50 से ज्यादा 
शुक्रवार को जिन बसों की जाँच की गई उनमें 10 में पाया गया कि सीटें 32 हैं और आधा सैकड़ा से अधिक यात्री इनमें बैठाए गए थे। नर्मदा जयंती की वजह से औसत से ज्यादा भीड़ रही पर इस दौरान  नियमों की अनदेखी भी और ज्यादा देखी गई।  जिस अंदाज में सीधी दुर्घटना के पहले यात्रियों को बैठाया जा रहा था, उसी अंदाज में अब भी बैठाया जा रहा है। किसी तरह का फर्क इस दुर्घटना के बाद अभी तक  देखने नहीं मिला है। सुविधा, सुरक्षा और नियम के अनुसार संचालन यह सब कागजों पर है, बसों में सफर अब भी पूरे दाम अदा करने के बाद भी जोखिमों से भरा है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।