कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया: अस्पताल का एक पार्टनर गिरफ्तार, कई जगह छापामारी

August 3rd, 2022

डिजिटल डेस्क जबलपुर। विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित न्यू लाइफ मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल में सोमवार को हुए अग्निकांड में 8 की मौत होने व 5 के घायल होने के मामले में फरार अस्पताल के एक पार्टनर डॉ. संतोष सोनी को पुलिस ने बुधवार की देर रात उमरिया के ताला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बाकी 3 पार्टनर व मैनेजर की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापामारी की गई लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उधर हादसे के बाद गिरफ्तार किए गये सहायक मैनेजर राम सोनी की दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेजा गया है।
ज्ञात हो कि अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अस्पताल के 4 पार्टनर डॉ. संतोष सोनी, डॉ. निशिंत गुप्ता, डॉ. सुरेश पटैल व डॉ. संजय पटैल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। हादसे के बाद से सभी पार्टनर फरार हो गये थे। मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी पार्टनरों की गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापे मारे। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि एक पार्टनर डॉ. संतोष सोनी शहर छोड़कर भागने की तैयारी में है उसे पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया, वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
हादसे के दौरान अस्पताल में था मौजूद
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गये आरोपी पार्टनर डॉ. सोनी से पूछताछ किए जाने पर इस बात का खुलासा हुआ कि हादसे के वक्त वह अस्पताल में मौजूद था। स्थिति बिगड़ती देख वह अस्पताल से भाग निकला। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह यहाँ-वहाँ भाग रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बीए पास करने के बाद उसने नरसिंहपुर से बीएचएमएस की पढ़ाई कर डॉक्टर बन गया था और अस्पताल का पार्टनर बनकर मैनेजमेंट का काम देखता था।
मरीजों की करता था जांच
पुलिस के अनुसार सहायक मैनेजर राम सोनी से पूछताछ में यह बात सामने आई कि डॉ. संतोष सोनी बीएचएमएस होने के बावजूद अस्पताल में मरीजों की जांच कर उन्हे दवाएं भी लिखता था, लेकिन जब डॉ. सोनी से पूछताछ की गई तो उसने इनकार कर दिया और कहा कि वह सिर्फ मैनेजमेंट संबंधी निर्णयों में दखल देता था।
अस्पताल में बराबर की हिस्सेदारी
सूत्रों के अनुसार रिमांड पर लिए गये सहायक मैनेजर से कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर उसने कई राज खोले। उसने बताया कि अस्पताल के 4 पार्टनर थे और सभी की बराबर की हिस्सेदारी थी।
गिरफ्तारी के प्रयास जारी
अग्निकांड मामले में अस्पताल के एक पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं 3 अन्य पार्टनर व मैनेजर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
-सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी