दैनिक भास्कर हिंदी: ठग प्रीति दास ने किया थाने में समर्पण, ऐसे आईं सामने

June 14th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कई गंभीर प्रकरणों में लिप्त ठग प्रीति दास ने आखिरकार शनिवार को पांचपावली थाने में समर्पण कर दिया। एक स्थानीय भाजपा नेता और वकील के साथ वह पहुंची थी। गिरफ्तार करने के बाद दोपहर को अदालत में पेश कर उसे चार दिन के पीसीआर में लिया गया है। पेशी के दौरान अन्य थानों की पुलिस सहित अनेक लोग अदालत परिसर में मौजूद थे। गिरफ्तार आरोपी प्रीति ज्योतिर्मय दास (39) कामठी रोड स्थित प्रियदर्शनी हाउसिंग सोसायटी निवासी है। शनिवार की सुबह 11 बजे उत्तर नागपुर क्षेत्र के एक भाजपा नेता और वकील के साथ थाने आकर ठग प्रीति ने समर्पण किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। करीब तीन बजे अवकाशकालीन अदालत में उसे अदालत पेश किया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में रकम बरामद करने, प्रीति ने और किन-किन लोगों को ठगा है, इसकी जांच करने का हवाला देकर उसे सात दिन के पीसीआर में देने की मांग की गई थी। प्रीति के वकील ने दर्ज प्रकरण को झूठा बताते हुए उसे जमानत देेने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रीति को 17 तारीख तक पीसीआर में भेज दिया।  

गत 4 जून को एक स्कूल के चपरासी उमेश उर्फ गुड्डु तिवारी की शिकायत पर पांचपावली थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। अक्टूबर 2018 में फसबुक के जरिए उमेश और प्रीति में पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हुए। प्रीति के बहकावे में आकर उमेश ने पत्नी सरिता को तलाक दे दिया। हालांकि सरिता की दिमागी हालत कमजोर बताई जा रही है। इसके बाद पॉवर ग्रिड चौक स्थित देविका अपार्टमेंट फ्लैट खरीदने का झांसा देकर उससे लाखों रुपए लूट लिए हैं। उससे दोपहिया वाहन भी खरीदने की जानकारी है। सोने के आभूषण भी ऐंठ लिए थे। इस बीच, प्रीति की असलियत सामने आने पर उमेश ने उससे अपने रुपए वापस मांगे। प्रीति ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अशोक मेश्राम के नाम से उमेश को धमकाया। झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 14 लाख 87 हजार 600 रुपए ठग लिया। प्रीति और उसके साथियों के खिलाफ लकड़गंज थाने में भी मेस संचालक सुनील पौनिकर की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार होने का मामला दर्ज है। जरीपटका में भी ‘भरोसा’ सेल की पुलिस निरीक्षक सुभदा संखे के नाम पर पुर्णाबाई सड़माके से 25 हजार रुपए ऐंठने का मामला है।  

अंतत: प्रीति ऐसे आई सामने

फरारी के दौरान ठग प्रीति दास शहर के तीन नेताओं के संपर्क में रही। पुलिस ने इन नेताओं को आरोपी को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार करने की चेतावनी दी थी। पुलिस के बढ़ते दबाव से नेता घबरा गए और आखिरकार प्रीति को सुनियोजित तरीके से पेश किया गया। प्रीति पर पुलिस का दबाव बढ़ता देखकर शहर के तीन स्थानीय नेता प्रीति के बचाव में आए। इसमें से एक नेता ने सोशल मीडिया पर प्रीति को फंसाने का आरोप भी लगाया था। इस बीच पुलिस ने प्रीति का कॉल डिटेल खंगाला, तो पता चला कि फरारी के दौरान वह शहर के तीन नेताओं के संपर्क में थी। नेताओं और पुलिस के बीच प्रीति की गिरफ्तारी को लेकर कई बार बातचीत हुई, लेकिन नेता हर बार पुलिस को यह जवाब देते रहे कि प्रीति कहां है, उन्हें पता नहीं है। 4 जून 2020 को प्रीति फरार हो गई थी। उसकी तलाश में पुलिस ने प्रीति के संपर्क में रहे कुछ खास लोगों के यहां दबिश दी। प्रीति के निवास स्थान पर भी छापा मारा। घर में सिर्फ प्रीति और उसका बेटा था। ठगी की रकम से खरीदा गया सामान पुलिस ने जब्त किया। इसके बाद सिलसिलेवार जरीपटका और लकड़गंज थाने में भी प्रीति के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए। 

सीपी के निर्देश पर सख्त हुई पुलिस 

इधर, पुलिस आयुक्त डॉ.भूषणकुमार उपाध्याय ने संबंधित थानाधिकारी को प्रीति को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की चेतावनी दी। तब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रीति के संपर्क में रहे नेताओं को फरार आरोपी को पनाह देने के जुर्म में गिरफ्तार करने की धमकी दी। इससे प्रीति के कारण नेताओं को बदनामी का डर सताने लगा। इस प्रकार आखिरकार प्रीति थाने में पेश हुई।