comScore

मेमन की सलाह - धर्म विशेष की गतिविधियों को बढ़ावा देना उचित नहीं, NCP ने झाड़ा पल्ला

मेमन की सलाह - धर्म विशेष की गतिविधियों को बढ़ावा देना उचित नहीं, NCP ने झाड़ा पल्ला

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा कि मुख्यमंत्री एक हिंदू नेता हैं। उन्हें धार्मिक गतिविधियों से रोका नहीं जा सकता है। उन्हें रोकने का किसी को अधिकार भी नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से फैसला कर सकते हैं कि उन्हें अयोध्या  जाना है अथवा नहीं। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने को लेकर आपत्ति जताई है। मेरा मानना है कि एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के प्रमुख को किसी धर्म विशेष की गतिविधियों को बढ़ावा उचित नहीं है। 

मेनन ने अपरोक्ष रुप से सलाह दी है कि वे राममंदिर भूमिपूजन के लिए अयोध्या जाने से बचे। मेमन ने मंगलवार को कहा था कि "धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र" के मुखिया को "किसी खास धर्म की गतिविधियों" को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। मेमन ने यह टिप्पणी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने के संदर्भ में की है। लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने पर आपत्ति है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए "भूमि पूजन’ का कार्यक्रम पांच अगस्त को होना है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिरकत करने की संभावना है। मेमन ने ट्वीट किया कि "राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए आमंत्रित लोगों में उद्धव ठाकरे भी है। वह कोविड-19 की वजह से लागू पाबंदियों का सम्मान करते हुए अपनी निजी हैसियत से उसमें हिस्सा ले सकते हैं। एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के मुखिया को किसी खास धर्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। 

तीन दशक से राम मंदिर निर्माण की पैरवी करने वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र में पिछले साल राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को दावा किया कि उनकी पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मार्ग प्रशस्त किया और मंदिर निर्माण में आने वाली रुकावटों को दूर किया। 

राकांपा ने मेमन के बयान से पल्ला झाड़ा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर पार्टी के पूर्व सांसद माजिद मेमन के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। रांकापा ने इसे मेनन का निजी बयान बताया है। प्रदेश राकांपा के प्रवक्ता संजय तटकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को भूमिपूजन कार्यक्रम में न जाने की सलाह देना माजिद मेमन का निजी बयान है। पार्टी इससे सहमत नहीं है। राम मंदिर पर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो राकांपा अध्यक्ष  शरद पवार ने इसका स्वागत किया था। ऐसे में भूमिपूजन कार्यक्रम के विरोध का सवाल ही नहीं उठता। पार्टी सुप्रीमों शरद पवार ने भी मंदिर के भूमिपूजन का विरोध नहीं किया था। उन्होंने कोरोना संकट पर ध्यान देने की बात कही थी।

कमेंट करें
pylTR