Ajab-Gajab: भारत में मौजूद है दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार, कोई नहीं कर पाया इसे ध्वस्त 

September 3rd, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आपने द ग्रेट वॉल ऑफ चाईना के बारे में तो सुना होगा। आज हम आपको द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया के बारे में बताने जा रहें हैं। राजस्थान में अरावली रेंज की चोटियों के बीच स्थित, कुंभलगढ़ किला उदयपुर से दो घंटे की दूरी पर है। इसकी लंबाई- 36 किलोमीटर है- जो इसे चीन की महान दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार बनाती है। 

15 वीं शताब्दी में निर्मित, इस किले को युद्ध में कभी नहीं जीता गया, इस पर केवल एक बार मुगल सेना ने धोखे से कब्जा कर लिया था। यह राजस्थान के पहाड़ी किलों में शामिल है और यूनेस्को की विश्व धरोहर का हिस्सा है। 

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किले के बारे में
15वीं शताब्दी के दौरान राणा कुंभा इसका निर्माण किया था। अभेद्य मानी जाने वाली इस दीवार को अकबर भी ध्वस्त नहीं कर पाया था। किला अब पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है और यहां हर शाम शानदार ढंग से रौशनी की जाती है। यह किला काफी ऊंचाई पर स्थित है और इसमें 500 मीटर की चढ़ाई भी शामिल है। 

किले के ऊपर से काफी मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है। किले के परिसर में कई मंदिर और प्राचीन मकबरे मौजूद हैं। दीवारें पर हाथ से नक्काशीदार मूर्तियों और चित्रों को बनाया गया है। इसकी चौड़ाई 15 से 25 फीट के बीच है जिसके मुताबिक यहां एक साथ 8 घोड़ों को दौड़ाया जा सकता है। 

कुम्भलगढ़ के किले को बनाने में कुल 15 साल का समय लगा था और इसे कई पहाड़ियों को मिलाकर बनाया गया। यह समुद्र तल से कुल 1,914 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका निर्माण महाराणा कुम्भा द्वारा 15वीं शताब्दी में किया गया था। बताया जाता पृथ्वीराज चौहान ने इसी किले में अपना बचपन बिताया था। हमलों के दौरान पूरे परिवार को इस दुर्ग में छिपया जाता था।  

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360 मंदिर हैं किले के अंदर
कुंभलगढ़ का किला काफी लंबे क्षेत्र में फैला है इसके अंदर 300 जैन मंदिर और 60 हिंदू मंदिर मौजूद हैं, इसके अंदर काफी खुबशूरत कालाकारी की गई है, कमरों को सफेद,फिरोजी और हरे रंग से रंगा गया है जिससे इसकी खुबशूरती में चार चांद लग जाते हैं।