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सरहद पर गोला बारूद की सप्लाई - एयर स्ट्राइक में इस्तेमाल हुए 1000 पाउंडर बमों की डिमांड

सरहद पर गोला बारूद की सप्लाई - एयर स्ट्राइक में इस्तेमाल हुए 1000 पाउंडर बमों की डिमांड

सीमा पर तनाव बढ़ा और निर्माणी में उत्पाद फुल लोड की तरफ चली प्रोडक्शन लाइन
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
देश की सरहद पर तनाव बढऩे के साथ ही गोला बारूद के उत्पादन में अचानक तेजी आई है। खास तौर पर बालाकोट एयर स्ट्राइक में इस्तेमाल किए गए 1000 पाउंडर बमों में ओएफके ने पूरी ताकत झौंकी है। पता चला है कि बाकी सेक्शनों में काम की रफ्तार धीमा करते हुए सेक्शन एफ-4 और एफ-6 पर फोकस किया गया है।    
पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के आस-पास चीन और भारतीय सेनाओं में  पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ रहा है। भले ही इस बात का कोई वास्ता न हो, लेकिन इत्तेफाकन आयुध निर्माणी खमरिया ने अपने गोला बारूद  का उत्पादन अचानक तेज कर दिया है।  
जबलपुर से बढ़ी सेना स्पेशल ट्रेन
सेना के सेंट्रल कमांड हैडक्र्वाटर से जवानों का मूमेंट हुआ है। सूत्रों का कहना है कि जबलपुर से 22 बोगी वाली स्पेशल ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई। इससे पहले शाम के वक्त भारतीय सेना के जवानों की मौजूदगी देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जवानों के स्टेशन पहुँचने से पहले ही ट्रेन को प्लेटफार्म पर तैयार रखा गया था। इस दौरान कई आर्मी ऑफीसर्स और लोकल पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एयर फोर्स को सप्लाई 
 ओएफके प्रशासन ने हाल फिलहाल सिर्फ उस प्रोडक्शन पर फोकस किया है जिसकी सप्लाई एयर फोर्स को की जाती है। सूत्रों का कहना है कि इसमें सबसे ज्यादा डिमांड थाउजेंड पाउंडर बमों की है। इसके अलावा 250, 450 एमएम के अलावा एरियल बम भी भारतीय वायुसेना को सप्लाई किए जाने हैं। 
ओएफके में मंगलवार से कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई  
ओएफके में अब तक 50 फीसदी स्टॉफ के साथ प्रोडक्शन किया जाता रहा है, लेकिन मंगलवार से कर्मचारियों की संख्या में इजाफा कर ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। खास तौर पर एफ-4 और 6 में। हालात ऐसे तक बने कि किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रहा। सूत्रों का कहना है कि बुधवार की दोहपर तकरीबन 2 बजे संक्रमण के खतरे को लेकर चिंता जताई गई, लेकिन बाद में सेक्शन के अधिकारियों की ओर से ऐसा कुछ स्पष्ट किया गया कि पूरा स्टॉफ मुस्तैदी के साथ प्रोडक्शन में जुट गया। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।