दैनिक भास्कर हिंदी: शक्तिमिल रेप के आरोपियों की याचिका खारिज, संवैधानिक है भारतीय दंड संहिता की धारा 370 ई- हाईकोर्ट

June 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के अपराध को दोहराने वाले अपराधी को फांसी व मौत होने तक अजीवन कारावास की सजा का प्रवाधान करनेवाली भारतीय दंड संहिता की धारा 376 ई की संवैधानिक वैधता को कायम रखा है। सोमवार को न्यायमूर्ति बीपी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति रेवती मोहिते ढेरे की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है। खंडपीठ ने यह फैसला शक्ति मिल परिसर में महिला प्रेस फोटोग्राफर के साथ सामुहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए आरोपियों की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए सुनाया है। निचली अदालत ने इस मामले में अगस्त 2013 में आरोपी विजय जाधव, मोहम्मद कासिम शेख, मोहम्मद सलीम अंसारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376ई के तहत दोषी ठहराया था। तीनों आरोपियों को फांसी की सजा दी गई है। जिसके खिलाफ तीनों आरोपियों ने इस धारा की वैधानिकता को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में इस धारा को संविधान के खिलाफ, मनमानी व भेदभावपूर्ण तथा कठोर बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई थी। 

याचिका में आरोपियों ने दावा किया था कि दुष्कर्म के मामले में यदि पीड़ित की हत्या नहीं की जाती है तो दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा नहीं सुनाई जा सकती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 376ई के अनुसार यदि कोई आरोपी दुष्कर्म के अपराध में दो बार दोषी पाया जाता है तो उसे फांसी अथवा मृत्यु होने तक अजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। दिल्ली के निर्भया हत्याकांड के बाद भारतीय दंड संहिता कानून में संसोधन करके धारा 376ई को शामिल किया गया था। 

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दुष्कर्म के अपराध को काफी गंभीर बताया था। क्योंकि दुष्कर्म के मामले में न सिर्फ पीड़िता पर शारीरिक हमला होता है बल्कि उसके व्यक्तित्व को गहरा आघात लगता है। कई बार तो ऐसे मामले पीड़िता के जीवन को अर्थहीन बना देते हैं। केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट में एडिशनल सालिसिटर जनरल अनिल सिंह व राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने पक्ष रखा। जबकि अधिवक्ता युग चौधरी ने शक्ति मिल सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों की ओर से पैरवी की। मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि हमे भारतीय दंड संहिता की धारा 376ई असंवैधानिक नजर नहीं आ रही है। इसलिए रद्द करने की जरुरत नहीं है।