दैनिक भास्कर हिंदी: बबुली ने वन अफसरों से मांगी 3 लाख की फिरौती, मामला टाइगर की हत्या का

May 19th, 2019

डिजिटल डेस्क, सतना। फारेस्ट की कस्टडी से फरार टाइगर की हत्या के तीनों आरोपियों को रिहाई के एवज में साढ़े 5 लाख के अंतरराज्यीय गैंग लीडर बबुली कोल ने वन अफसरों से 3 लाख की फिरौती मांगी है। इसी बीच बबुली गिरोह ने अपना ठिकाना भी बदल दिया है। सूत्रों के मुताबिक बबुली ने वन अफसरों के सामने शर्त रखी है कि वन विभाग न केवल आरोपी रज्जन कोल ,राजेश उर्फ धीरु मवासी और ज्वाला सतनामी के मुकदमे का हर्जा-खर्चा भरेगा बल्कि उनके परिजनों को भी किसी तरह की आंच नहीं आने देगा। गैंग लीडर बबुली रिश्ते में आरोपी रज्जन कोल का मामा बताया जा रहा है।

एसडीओ और रेंजर ने भी मांगी 2-4  दिन की मोहलत- फिलहाल तलाश खत्म: जंगल से लौटाई गई वन विभाग की फौज उल्लेखनीय है, वन विभाग की अभिरक्षा से फरार बाघ की हत्या के आरोपियों की वापसी चित्रकूट के एसडीओ वीपी तिवारी और निलंबित रेंजर सत्यनारायण पांडेय की बड़ी जरुरत बन गई है। खबर है कि आज नहीं तो कल निलंबन की कगार पर बैठे चित्रकूट एसडीओ (फारेस्ट) के साथ मझगवां रेंजर ने भी फरार आरोपियों को हर हाल में हाजिर करा देने के लिए 2-4 दिन की मोहलत मांगी है। सूत्रों ने बताया कि इन्हीं अधिकारियों के आग्रह पर फरार आरोपियों की तलाश में लगे वन अमले को भी जंगल से वापस बुला लिया गया है।  आरोपियों की तलाश में 8 रेंजर के साथ तकरीबन आधा सैकड़ा अन्य वन कर्मी लगाए गए थे।
 

क्या है पूरा मामला -
मझगवां वन रेंज की अमिरती बीट के डुडहा नाला में एक टाइगर की करंट लगा कर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी रज्जन कोल ,राजेश उर्फ धीरु मवासी और ज्वाला सतनामी (सभी निवासी अमिरती) फारेस्ट अभिरक्षा के दौरान हाल ही में मझगवां के रेंज कार्यालय से भाग गए थे। वन विभाग की अभिरक्षा से भागे तीनों आरोपी अब साढ़े 5 लाख के इनामी दस्यु सरगना बबुली कोल की सुरक्षा में बताए गए हैं। बबुली ने पहले इनको हाजिर कराने के एवज में अपराध खत्म करने का संदेश भेजा था, लेकिन कानूनी बाधाओं के चलते अब उसने हर आरोपी को हाजिर कराने के एवज में वन अफसरों से 3 लाख की रिश्वत मांगी है।

इनका कहना है-
फरार आरोपियों की हर हाल में गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की मदद से साझा रणनीति  के तहत तलाश जारी है। ऐसे में ये कहना ठीक  नहीं कि तलाश में लगे वन अमले को वापस बुलाया गया है।  
राजीव मिश्रा, वन मंडल अधिकारी

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