उद्धव खेमे ने दायर की याचिका: सुप्रीम कोर्ट पहुंची असली शिवसेना के मान्यता की लड़ाई

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। इसमें उन्होंने कोर्ट से चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है कि विधायकों की अयोग्यता के मामले पर कोई अंतिम फैसला नहीं देता तब तक वह शिवसेना की मान्यता और चुनाव चिन्ह को लेकर कोई फैसला न करें।

बता दें कि शिंदे गुट ने असली शिवसेना की मान्यता देने की मांग को लेकर पत्र देने के बाद इस दिशा में कार्रवाई को आगे बढाते हुए चुनाव आयोग ने 22 जुलाई को ठाकरे और शिंदे गुट को 9 अगस्त तक सभी दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया है। चुनाव आयोग की इसी कार्रवाई को रोकने के लिए उद्धव ठाकरे खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

चुनाव आयोग इतनी जल्दी में क्यों?

शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि विधायकों की अयोग्यता मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। ऐसे में चुनाव आयोग पार्टी की मान्यता और चुनाव चिन्ह पर कार्रवाई आगे बढ़ाने को लेकर इतनी जल्दबाजी में क्यों है?

सांसद चतुर्वेदी ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बीच चुनाव आयोग ने पार्टी को इस मामले में नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग पर किसका दबाव है? इतनी जल्दबाजी क्यों? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई नोटिस के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

शायद मोदी को आदित्य का काम देखना होगा

केन्द्र सरकार ने महाविकास आघाडी सरकार में मंत्री रहे शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के पर्यावरण मंत्रालय के कामकाज ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कामों का ऑडिट किया जाएगा। इस मुद्दे पर पूछे सवाल पर सांसद चतुर्वेदी ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने पर्यावरण मंत्री रहते हुए अच्छा काम किया है। उसे मोदी देखना चाहते होंगे। शायद इसलिए उनके कामों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया होगा। उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छी बात है, प्रधानमंत्री मोदी को अच्छा काम देखने मिलेगा।