दैनिक भास्कर हिंदी: भीमा कोरेगांव हिंसा को लेकर वकील ने कहा दूसरे के कम्प्यूटर से मिले कागजार सबूत नहीं होते

September 7th, 2019

डिजिटल डेस्क,मुंबई। भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सुधा भारद्वाज के वकील ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में भारद्वाज की भूमिका को दर्शाने वाले सबूतों की वैधता पर सवाल खड़े किए। न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल के समक्ष भारद्वाज के वकील युग चौधरी ने दावा किया कि इस प्रकरण के अन्य आरोपियों के कम्प्यूटर से मिले पत्रों को मेरे मुवक्किल के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। क्योंकि इन पत्रों से मेरे मुवक्किल का कोई लेना देना नहीं है। पुलिस ने पत्र में मेरे मुवक्किल का नाम देखा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस ने यह पड़ताल नहीं की है कि कम्प्यूटर से मिले पत्रों को किसने लिखा है। उसमे लिखी गई बातों की प्रमाणिकता क्या है? ऐसे में इन पत्रों को कैसे मेरे मुवक्किल (भारद्वाज) के खिलाफ सबूत माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कुल 6 दस्तावेज मेरे मुवक्किल के खिलाफ इस्तेमाल किए हैं। इनमें से किसी दस्तावेज को प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। इन दस्तावेजों से मेरे मुवक्किल का कोई संबंध नहीं है। न्यायमूर्ति के समक्ष भारद्वाज के जमानत आवेदन पर सुनवाई चल रही है। पुणे पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले को लेकर भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। 

कड़कनाथ मुर्गी पालन घोटाला ,शेट्टी ने ईडी से की शिकायत

 स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने कड़कनाथ मुर्गी पालन योजना में धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए मामले की छानबीन की मांग की है। शुक्रवार को शेट्टी खुद मुंबई स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय पहुंचे। मामले की लिखित शिकायत दी। शेट्टी के मुताबिक इसके जरिए किसानों से करीब 500 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। आरोप है कि जिस कंपनी ने यह घोटाला किया है वह कृषि राज्य मंत्री सदाभाऊ खोत के रिश्तेदार की है। हालांकि शेट्टी ने अपनी शिकायत में किसी का नाम नहीं लिखा है। उन्होंने कंपनी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांगली में पहले ही एक किसान की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।

ईडी को दी गई शिकायत के मुताबिक महारयत एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कड़कनाथ मुर्गी का पालन करने के नाम पर 10 हजार किसानों को चूना लगाया है। किसानों को बॉन्ड पेपर लिखकर उनसे मोटी कीमत में मुर्गी और अंडे खरीदने का आश्वासन दिया गया था बदले में उनसे पैसे जमा कराए थे।  लेकिन बाद में अंडे और मुर्गी सप्लाई करने वाले किसानों को एक पैसे नहीं दिए गए। शेट्टी के मुताबिक राजनेता के रिश्तेदार और दोस्त होने के चलते कंपनी के अध्यक्ष और निदेशकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ईडी को दी गई अपनी शिकायत में शेट्टी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के साथ-साथ उनके राजनेता रिश्तेदार की भी संपत्ति जब्त करने और खाते सील करने की मांग की है।        
 

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