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बीएमसी चुनाव पर नजर : उत्तरभारतीयों को एकजुट करने में जुटे पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह

बीएमसी चुनाव पर नजर : उत्तरभारतीयों को एकजुट करने में जुटे पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने रविवार को अपनी चर्चित 'परिश्रम संघर्ष यात्रा' की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि महानगर के उत्तरभारतीयों ने अपनी मेहनत से इस शहर को बनाने का कार्य किया है। उत्तरभारतीयों को केवल वोट बैंक समझने की भूल न करें। उन्होंने कहा कि मैं पूरे हिंदीभाषी समाज समाज को एकजुट करने के लिए संघर्ष यात्रा पर निकला हु। मुंबई का महापौर बनाने में उत्तरभारतीय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस दौरान उत्तरभारतीय समाज के लोगों ने जगह जगह सिंह का स्वागत कर उन्हें सहयोग राशि के तौर पर रुपये दिए। 

कालीना विधानसभा क्षेत्र के वाकोला इलाके में जुटे उत्तरभारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कृपा शंकर सिंह ने कहा कि उत्तरभारतीय समाज ने हमेशा मेरा साथ दिया है। इस बार भी समाज का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आगामी दिनों में एक लाख उत्तरभारतीयों के घरों तक पहुचने का लक्ष्य रखा है। सिंह ने कहा कि मेरी इस यात्रा में सभी दलों के उत्तरभारतीय साथ हैं। मेरा उद्देश्य उत्तरभारतीय समाज को जागरूक करना है। सिंह इसी इलाके से तीन बार विधायक चुने गए थे।  

इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (मुंबई) उपाध्यक्ष राम उजागिर सिंह व मुंबई भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह ने सिंह का स्वागत किया। यात्रा के दौरान पूर्व मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी, कांग्रेस नेता एडवोकेट आरपी पांडेय,अभय चौबे, कृपाशंकर पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडेय, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, समाजसेवी डॉ राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, देवेश सिंह ठाकुर, रवि सिंह, अखिलेश चौबे,  शिवसेना नेता आनंद दुबे आदि मौजूद थे।

गौरतलब है कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष रहे कृपाशंकर ने सितंबर 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्ति के मोदी सरकार के फैसले के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वे किसी दल में शामिल नहीं हुए हैं। उनके भाजपा में शामिल होने के चर्चे हैं। करीब एक साल बाद मुंबई मनपा का चुनाव है, सिंह उसके पहले किसी दल का दामन थाम सकते हैं।  

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।