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दगा दे गया रेलवे का ब्रीथ एनालाइजर!  शंका- समाधान में आधे घंटे लेट हुई रीवा-आनंद बिहार सुपर फास्ट   

September 26th, 2019 14:33 IST
दगा दे गया रेलवे का ब्रीथ एनालाइजर!  शंका- समाधान में आधे घंटे लेट हुई रीवा-आनंद बिहार सुपर फास्ट   

डिजिटल डेस्क सतना। मुंबई-हावड़ा रेल खंड के सतना जंक्शन में स्थित ड्राइवर लॉबी में बुधवार की दोपहर उस वक्त हालात हास्यास्पद हो गए जब सीएमएस (कू्र मैनेजमेंट सिस्टम) में लगे 3 में से एक ब्रीथ एनलाइजर ने रीवा-आनंद बिहार सुपर फास्ट के मुख्य ड्राइवर डीके पांडेय की पाजटिव रिपोर्ट दे दी। पाजटिव रिपोर्ट का सीधा सा मतलब था कि ड्यूटी पर आए लोको पायलट श्री पांडेय ने शराब पी रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में रनिंग रुम ने फौरन मेमो देकर रेल अस्पताल के डॉक्टर  दीपक झारिया को मेडिकल चेकअप के लिए बुला लिया। गमीमत थी मेडिकल चेकअप की रिपोर्ट निगेटिव निकली। इस रिपोर्ट के मुताबिक ड्राइवर डीके पांडेय ने शराब नहीं पी रखी थी। ड्राइवर के रक्त नमूने भी लिए गए हैं। 
लोको पायलट को फोर्स लीव
चंूकि उन्हें ही रीवा-आनंदबिहार सुपर फास्ट लेकर गंतव्य के लिए जाना था, लिहाजा शंका-समाधान के चक्कर में ही ये गाड़ी सतना स्टेशन में ही तकरीबन आधे घंटे पिट गई। एक ही व्यक्ति से दो तरफ की रिपोर्ट के बाद भी रेल नियमों के तहत लोकोपायलट डीके पांडेय को 2 दिन की फोर्स लीव पर भेज दिया गया। उनकी जगह बतौर मुख्य ड्राइवर एसके श्रीवास्तव को सुपरफास्ट पर सतना से आनंद बिहार भेजा गया। 
 ऐसा पहली बार नहीं :  2 माह में दसवां मामला 
जानकारों ने बताया कि ऐसा ये अकेला हास्यापद मामला नहीं है। असल में स्टेशन के ड्राइवर लॉबी के क्रूज मैनेजमेंट सिस्टम में लगी 3 में से एक ब्रीथ एनालाइजर 2 माह के अंदर तकरीबन 10 ऐसे ड्राइवर को शराबी सिद्ध कर चुकी है, जिन्होंने ड्यूटी के वक्त शराब नहीं पी रखी थी। शराब पीकर ड्राइवर और गार्ड को ट्रेन में ड्यूटी करने से रोकने के लिए लॉबी में 3 ब्रीथ एनालाइजर लगाए गए हैं। आरोप है कि इन्हीं में से एक ब्रीथ एनालाइजर में तकनीकी खराबी के कारण प्राय: पॉजटिव रिजल्ट दे देती है। जिस गार्ड-ड्राइवर का पाजटिव रिजल्ट निकला उसका फोर्स लीव पर भेजा जाना भी तय है। भले ही ये सिद्ध हो कि संबंधित ने शराब नहीं पी रखी है। बताया गया है कि जिस वक्त रीवा -आनंद बिहार के मुख्य ड्राइवर ने ब्रीथ एनालाइजर के सामने सांस भरी, उसी वक्त दूसरे ब्रीथ एनालाइजर में उनके सहायक लोकोपायलट ने भी परीक्षण किया था,मगर उनका रिजल्ट निगेटिव निकला। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।