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जीजा का गला घोंटा, हत्या को दुर्घटना साबित करने साले ने शव को रेल पटरी के किनारे फेंका

जीजा का गला घोंटा, हत्या को दुर्घटना साबित करने साले ने शव को रेल पटरी के किनारे फेंका

डिजिटल डेस्क जबलपुर। मदन महल रेलवे स्टेशन के पास  रेल पटरी के किनारे अजीबो-गरीब अवस्था में मिले शव की पहचान करने के बाद जीआरपी ने अँधी हत्या को दुर्घटना साबित करने की गुत्थी को सुलझाते हुए, साजिश का पर्दाफाश कर दिया। हत्या का आरोपी मृतक का साला निकला, जो इस बात से खफा था कि उसका जीजा उसकी बहन को शादी के बाद से हर रोज शराब पीने के बाद पीटता और प्रताडि़त किया करता था। आखिरकार उसने शराबी जीजा से  पीछा छुड़ाने के लिए पहले उसका गला घोंटकर मार दिया और उसके बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए, शव को रेल लाइन के किनारे फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो।
जीआरपी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसआरपी सुनील कुमार जैन ने बताया कि 13 अक्टूबर को एक अज्ञात युवक का शव मदन महल रेलवे स्टेशन के पास रेल लाइन के किनारे संदिग्ध हालत में मिलने की सूचना मदन महल जीआरपी चौकी प्रभारी राजेश राज को मिली थी। जिसकी पड़ताल के दौरान  पाया कि शव का कोई हिस्सा ट्रेन से टकराया नहीं है, कोई घाव या घिसटने के जख्म भी नहीं हैं, लाश के पास खून की एक बूंद भी नहीं है, हालाँकि गले में रगड़ के निशान थे। जब उन्होंने शव की नाक में रुई लगी देखी तो उनका माथा ठनका, उन्होंने इस बारे में एसआरपी श्री जैन को बताया। जिसके आधार पर एसआरपी ने राजेश राज के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक सुशील, विनय, प्रमोद, हरस्वरूप, प्रिया और आर रवि को मामले की जाँच की जिम्मेदारी सौंपी। 
मदन महल थाने में बंद कराने ले गया था 
जाँच के दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि मैकेनिक जोन के पास नितिन उर्फ नितेश पटेल नामक युवक रहता है, जिसकी फोटो मृतक से मिलती थी। टीम जब उसके घर पहुँची तो मृतक की पत्नी प्रिया ने बताया कि 12 अक्टूबर की रात को  उसका पति शराब पीकर आया और उसके साथ मारपीट करने लगा, तो उसने अपने भाई विनय पटेल, जो कि ऑटो चलाता है,  को बुलाया लिया।  
  विनय ने नितिन को समझाया लेकिन वो हाथापाई पर उतारू हो गया। इसी बीच विनय ने उसे मारा तो वो गिरकर बेहोश हो गया। विनय ने कहा कि वो सबक सिखाने के लिए नितिन को मदन महल थाने में बंद कराने ले जा रहा है। नितिन को ऑटो में लाद कर वो घर से बाहर निकल गया। 
पड़ताल शुरू की गई, तब सच सामने आया 
 प्रिया ने बताया कि घटना के चार दिनों बाद तक जब उसका पति घर नहीं आया, तो उसकी चिंता बढ़ गई। उसने भाई से पूछा तो उसने कहा कि उसने नितिन को थाने में बंद करवा दिया है, कुछ दिन बंद रहेगा तो दिमाग ठिकाने लग जाएगा। प्रिया की बात सुनकर शक की सुई विनय की ओर घूूम गई।  जब जीआरपी की टीम ने विनय से कड़ी पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। विनय ने बताया कि उसने घर से निकलने के बाद  गमछे से जीजा का गला घोंट दिया था और उसे मदन महल स्टेशन के पास रेल पटरी के किनारे फेंक दिया, ताकि देखने में ऐसा लगे कि ट्रेन से टकराने के कारण किसी की मौत हो गई है। 
 एसआरपी श्री जैन ने बताया कि विनय ऑटो चलाता है। मदन महल रेल लाइन किनारे उसने कई बार ट्रेनों से टकराकर क्षत-विक्षत लाशें देखी थीं,  इसलिए उसने अपने जीजा को भी ठिकाने लगाने के लिए रेल पटरी का किनारा ही चुना।
 

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