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भगवान सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा जनसैलाब, उत्सव की धूम

भगवान सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा जनसैलाब, उत्सव की धूम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ‘केरवा जे फरेला घवद से ओहपर सूग्गा मेडराय, मरबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरछाई’, ‘कांच ही बांस के बहंगियां, बहंगी लचकत जाए, होई न बलमजी कहरिया बहंगी घाटे पहुंचाई’ जैसे छठ गीतों से शहर के तालाब गूंज उठे। छठ महापर्व पर शनिवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देने जनसागर उमड़ पड़ा। छठव्रतियों ने छठ गीत गाते हुए पूजन सामग्री अर्पित की। श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य देने के लिए छठव्रतियों ने िनर्जला व्रत रखा है, जो रविवार की सुबह सूर्योदय के समय दूसरा अर्घ्य देकर व छठमैया की विधिवत पूजा कर उपवास छोड़ा जाएगा।  दोपहर से ही छठव्रतियों का अंबाझरी तालाब पर आगमन शुरू हो गया था। परिवार के पुरुष पूजा सामग्री सिर पर लेकर चल रहे थे। अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए घाट पर बैठी महिलाओं द्व्रारा गाये गीतों से परिसर गूंज उठा। 

महापौर जिचकार, विधायक ठाकरे ने किया स्वागत

इस अवसर पर महापौर नंदा जिचकार, विकास ठाकरे, वरिष्ठ पार्षद तथा छठ पूजा पर्व केे आयोजक दयाशंकर तिवारी, सत्तापक्ष उपनेता वर्षा ठाकरे, संजय बंगाले, आर.आर. मिश्रा, एनपीटीआई केे पूर्व संचालक विजय सिन्हा, वेकोलि के जनसंपर्क अधिकारी सत्येंद्र प्रसाद सिंह, ब्रजभूषण शुक्ला, भोजराज डुंबे, अजय पाठक, संजय सिन्हा, राजेश शुक्ला, विजय तिवारी, अखिल बिहारी मंच के अध्यक्ष कौशल पाठक, विभूति भूषण राय, अशोक शुक्ला, वीरेंद्र पांडे, राजेश यादव, शैलेंद्र मिश्रा, शिवशंकर चतुर्वेदी, रामभूषण त्रिपाठी, नरेंद्र चतुर्वेदी, जयशंकर सिंह, अमर पारधी, संदीप पांडे, अजय सिन्हा, धर्मेंद्र दुबे, राकेश तिवारी, बहुराष्ट्रीय छठ पूजा समिति केे संजय शर्मा, पंडित दिनेश मिश्रा, कृपाशंकर तिवारी, अजय गौर , राकेश तिवारी, प्रियदर्शनी अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.पी. सिंह, वकील सिंह आदि उपस्थित थे।
अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य देकर व्रतियों ने की उपासना

उदयाचल सूर्य को अर्घ्य

कन्हान में छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतधारी महिलाओं तथा परिजनों का हुजूम गाड़ेघाट व महादेवघाट नदी पर अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य देने उमड़ा। शाम 4 बजे से छठ व्रतधारी त्रिवेणी संगम कर्णिका नदी तट गाड़ेघाट, महादेवघाट पर पहुंच रहे थे। 5 बजते ही अस्ताचलगामी सूर्य को भक्ति तथा श्रद्धा के साथ अर्घ्य दिया गया। पूजा सामग्री के साथ नदी तट पर छठ पूजा विधि पूरी अस्था के साथ की जा रही थी। छठ मैय्या के गीतों से नदी तट परिसर गुंज रहा था। कामठी शहर तथा सैनिक छावनी अधिकारी व सेना के जवानों के साथ अनेक शासकीय कार्यालयों में कार्यरत उत्तर भारतीय जो कि अनेक वर्षों से शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी भी अब शहर से बहने वाली नदी पर ही छठ महापर्व  संयुक्त रूप से मना रहे हैं। महापर्व के चौथे दिन उदयाचल सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। उदयाचल सूर्य को नदी में खड़े होकर अर्घ्य देने की प्रक्रिया 6.30 बजे तक जारी रहेगी। इस दिन व्रतधारियों के परिवार के सभी सदस्य संयुक्त रूप से पूजा में हिस्सा लेकर भगवान सूर्य व छठी माता की उपासना करेंगे। 

सक्करदरा में पहली बार छठ पूजा

महापर्व छठ पूजा सेवा समिति व पूर्व नागपुर उत्तर भारतीय मोर्चा की ओर से सक्करदारा तालाब में पहली बार छठ पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों परिवारों ने सूर्य देवता की पूजा-अर्चना की डूबते सूरज को अर्घ्य देकर छठ पूजा की। मोर्चा के अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव व उनकी टीम ने सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई। तालाब को सुसज्जित करने के लिए डॉ. रवींद्र भोयर, दयाशंकर तिवारी ने प्रयास किया व सहयोग दिया। विधायक कृष्णा खोपड़े विशेष रूप से उपस्थित थे।

छठपूजा: बाजारगांव में उत्साह

बाजारगांव में छठ पूजा का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बाजारगांव को एक छोटी औद्योगिक नगरी के स्वरूप मिलने से अनेक औद्योगिक ईकाई में बड़ी संख्या मंे उत्तर भारतीय कार्यरत हैं। शनिवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य नाईक सरोवर तलाब किनारे बनाए गए पूजाघाट पर दिया गया। रविवार की सुबह सूर्योदय के समय दूसरा अर्घ्य देकर व छठ मैय्या का विधिवत पूजन कर उपवास छोड़ा जाएगा। तलाब पर छठ पूजा के लिए  घाट की व्यवस्था व आयोजन के सफलतार्थ  भाजपा  युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तातोडे, छोटेलाल यादव, सागर सरयाम, अभिषेक माझी, संदीप पाटील व अर्जुन आदि प्रयासरत है।

उदयमान सूर्य को अर्घ्य

उमरेड में शनिवार को छट व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। महापर्व के तीसरे दिन शनिवार को अस्त होते हुए भगवान सूर्य को  पहला अर्घ्य देने के लिए निर्जला उपवास रखा था। शाम को वेकोलि व वायगांव निवासी छटवृती बांस की बनी टोकनी में पूजा के पकवान ,फल आदि से भरी टोकनी को सिर पर रखे छट मैय्या के गीत गाते हुए घाट की ओर बढ़ रहे थे। आम नदी के पानी में खड़े होकर पूजा सामग्री के साथ सूर्यास्त का इंतजार करने लगे। जैसे ही सूर्यास्त हुआ वैसे ही अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया । घाट पर मेला जैसा वातावरण था। बच्चे पटाखे, आतिशबाजी चला कर आंनद ले रहे थे। क्षेत्रीय महाप्रबंधक आलोक ललित कुमार के निर्देश पर सिविल विभाग के सहायक प्रबंधक मनोहर सिंह, अभियंता प्रवीण महाजन, प्रवीण सिंघल आदि देखरेख के लिए मुख्य रूप से उपस्थित थे।

राधाकृष्ण मंदिर में अन्नकूट, 56 भोग दर्शन

वहीं राधाकृष्ण मंदिर, वर्धमान नगर में 56 भोग दर्शन एवं अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान राधाकृष्ण, गिरिराज को अनेक प्रकार के भोग लगाकर सुंदर सजावट की गई। 56 भोग की पूजा-आरती श्यामसुंदर पोद्दार परिवार ने की। आरती में विधायक कृष्णा खोपडे, मनपा स्थायी समिति अध्यक्ष प्रदीप पोहाणे, पार्षद चेतनाबेन टांक, दुनेश्वर पेठे, उमाकांत अग्निहोत्री, गोविंद पोद्दार, मधुसूदन सारडा, मनोज अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। 56 भोग के दर्शन का लाभ नंदकिशोर सारडा, सुरेश लखोटिया, रतन पोद्दार, कमलकिशोर अग्रवाल, अनिलकुमार सारडा, श्रीकिशन अग्रवाल, पुरुषोत्तम मालू, किसन झंवर, ब्रिंदेश अग्रवाल, राजू खंडेलवाल, मुरारीलाल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, संतोष कुमार अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, प्रताप मोटवानी, बी.सी. भरतीया, एड. मुकेष शर्मा, अनंत अग्रवाल ने लिया। मैनेजिंग ट्रस्टी पवन पोद्दार ने आभार माना। 
 

 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।