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 सीएम हेल्प लाइन -  टॉप पर रीवा ,शिकवा-शिकायतों में प्रदेश में सतना तीसरे नंबर पर

 सीएम हेल्प लाइन -  टॉप पर रीवा ,शिकवा-शिकायतों में प्रदेश में सतना तीसरे नंबर पर

डिजिटल डेस्क सतना। शिकवा-शिकायतों के मामले में प्रदेश में रीवा जहां टॉप पर है,वहीं सतना भी पीछे नहीं है। इस प्रतिस्पर्धा में सतना का तीसरा और इंदौर का दूसरा नंबर है। ये सच,सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के आंकड़ों से सामने आया है।  सीएम  हेल्पलाइन के श्रीगणेश से अब तक प्रदेश भर से कुल 95,51,716 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें से अकेले रीवा जिले से दर्ज कराई गई सर्वाधिक शिकायतों की तादाद 5,27,879 है।  जबकि 3,91,988 शिकायतों के साथ सतना जिला दूसरे नंबर पर है। उल्लेखनीय है, 4,39,751 शिकायतें रजिस्टर्ड कराने के साथ इंदौर  इसी मसले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। ये आंकड़े जुलाई 2014 से अब तक की स्थिति पर आधारित हैं।  
कहां हैं सीधी-सिंगरौली  
सीएम हेल्प लाइन के रिकार्ड में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि रीवा संभाग का सीधी जिला प्रदेश में 15 वें और सिंगरौली 20 वें स्थान पर है। सीधी जिले से 2,06,614 और सिंगरौली जिले से 6 साल के दौरान 1,84,231 शिकायतें की गईं। सीएम हेल्प लाइन के 6 साल के फिगर पर गौर करें तो 5 साल रीवा नंबर पर निरंतर बना रहा, केवल वर्ष 2018 में इंदौर आगे रहा। यानि 2018 को छोड़ दें, तो कोई भी साल ऐसा नहीं रहा, जब रीवा पहले पायदान से नीचे आया हो। हालांकि सतना की स्थिति आगे-पीछे होती रही है। लेकिन, ये भी लगातार शीर्ष पांच में बना रहा। 
 5 वर्ष में दो गुना इजाफा 
शिकायतों की गति लगातार बढ़ रही है। स्थिति ये है कि पांच साल के दौरान शिकायती आकड़ों में दो गुना की वृद्धि हो चुकी है। साल 2015 में रीवा में 67550 थी, जो 2019 में बढ़कर 111379 पहुंच चुकी है, जबकि साल का गुजरना शेष है। इसी तरह सतना में ये आकड़ा 45695 से बढ़कर 85933 पहुंच चुका है। सीधी में 20541 से बढ़कर 44207 और सिंगरौली में 17917 से बढ़कर 44560 पहुंच गया है।  
 बढ़ रही है जागरुकता 
लगातार बढ़ रहे आकड़ों को गलत ढंग से नहीं देखा जा सकता। बल्कि आम जनमानस में जागरूकता के रूप में देखा जाना चाहिए। वे अपने आस-पास होने वाले गलत कामों का विरोध कर रहे हैं। नागरिक अपने दायित्वों को लेकर गंभीर हैं। भविष्य में ये स्थिति और भी बदलेगी।
 

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