दैनिक भास्कर हिंदी:  टेरर फंडिंग के मामले पर सीएम कमलनाथ ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश 

August 24th, 2019

डिजिटल डेस्क,सतना। मुख्यमंत्री कमलनाथ में टेरर फंडिंग में गिरफ्तारी को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कहा कि पूरे रैकेट का पर्दाफाश होना चाहिए।  सीएस ने ये भी स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधि से जुड़े किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की धरती पर टेरर फंडिंग और आईएसआई की जासूसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व चाहे जिस भी राजनैतिक दल से जुड़े हों, छोड़े नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या कारण हैं कि 8 फरवरी 2017 को पहली बार इस मामले के खुलासे के बाद पकड़ में आए कुछ लोगों के खिलाफ उस समय कड़ी कार्यवाही क्यों नहीं की गई।कैसे वो बाहर आकर फिर से देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने लगे? मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। 

कई देशों में बलराम ने बना रखे थे दोस्त 

फेसबुक के जरिए बलराम सिंह ने पाकिस्तान के करांची,इस्लामाबाद और लाहौर। बांग्लादेश में ढाका। इंडोनेशिया, सऊदी अरब और देश में खासकर जम्मू-कश्मीर में दोस्त बना रखे थे। ये तथ्य भी सामने आया है कि बलराम ने वर्ष 2013 में दुबई की यात्रा की थी और इसके बाद वर्ष 2014 के बाद उसका लाइफ स्टाइल बदल गया था। अमीरजादों जैसा उसका रहन सहन होने के कारण उसने बिगड़ैल किस्म के युवकों की फौज तैयार कर रखी थी।   

ऑन लाइन लॉटरी फ्रॉड भी  

सूत्रों ने बताया कि भरोसा जीत चुके फंड मैनेजर को अत्याधुनिक तकनीक (चाइनीज बॉक्स) पर आधारित एक ऐसे समनांतर टेलीफोन एक्सचेंज से जोड़ दिया जाता है जो इंटरनेट कॉल को सेल्युलर कॉल में बदल कर कॉलर की पहचान छिपा लेता  है।  इसी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के माध्यम से विदेशी कॉल, लोकल कॉल में बदल जाते हैं। इस माध्यम से ऑनलाइन लॉटरी ड्रॉ जैसे फ्रॉड जैसे ठगी के खेल खेलते जाते हैं और ये रकम भी जुगाड़ के ही खातों में कराकर अंतत: आईएसआई के जासूसों पर खर्च की जाती है।