खटाई में: खंडवा-अकोला ब्राडगेज मार्ग निर्माण में अड़चन

July 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, अकोला। अकोट से अमला खुर्द परिक्षेत्र से खंडवा अकोला निर्माण किए जा रहे रेलवे ब्राडगेज को पर्यावरण विभाग की ओर से अनुमति दिलवाने में प्रयास किया जाए ऐसी मांग हिंगोली जिला व्यापारी महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में की है।  ज्ञापन में कहा किया अकोला खंडवा ब्राडगेज का निर्माण कार्य अनुमति न मिलने के कारण रूका हुआ है। पर्यावरण व व्याघ्र प्रकल्प के नाम पर विगत कई वर्षो सं अकोला खंडवा रेल मार्ग चौडाईकरण के कार्य को अनुमति नहीं मिल रही है। पर्यावरण के नाम पर राजकीय भू मापिया ने पर्यायी रेल र्मा पर करोड़ों रूपए की निवेश किया है जिससे इस मार्ग के निर्माण में बाधा निर्माण हो  रही है। अकोला से खंडवा के 177 किलोमीटर पर अकोला से अकोट तक का रेल मार्ग ब्राडगेज में परिवर्तित हो चुका  है। अकोट से अंमलाखुर्द के 77 किलोमीटर का मार्ग वन्यजीव परिक्षेत्र से निकालने पर तत्कालीन महाराष्ट्र की ओर से अनुमति न मिल पाने के कारण अधर में फंसा हुआ है। इस मार्ग का 39 किलोमीटर मार्ग मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प से होकर गुजरता है। जिसमें 23 किलोमीटर का मार्ग व्याघ्र प्रकल्प के गाभा खेत्र से जाने के कारण वन्यजीव प्रेमी द्वारा विरोध किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा अनुमति न दिए जाने के कारण रेल मंत्रालय ने अकोट अडगांव, हिवरखेड,सोनाला, जलगांव जामोद, उसरणी, खकणार, खिकरी, तुकईथड इस नए पर्यायी मार्ग को अनुमति दी गई है। अकोला व बुलढाणा जिले से निर्माण होने वाले इस 29 किलोमीटर के पर्यायी मार्ग से अकोला से खंडवा की दूरी 177 किलोमीटर से बढकर 206 किलोमीटर हो जायेगी। इसके अलावा वनविभाग की 152 हेक्टेयर तथा राजस्व विभाग की 400 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इस माग पर पहाड़ को काटकर साडे छ किलोमीटर की सुरंग निकली निकलनी होगी। जिससे पर्यावरण को काफी बड़ा नुकसान होगा, इसके अलावा प्रकल्प का खर्च काफी बढ जायेगा। मध्य प्रदेश के पेंच व्याघ्र प्रकल्प से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 के 29 किलोमीटर लंबा  रास्ता गया है। इस मार्ग का 21 किलोमीटर लंबाई का मार्ग एलिवेटेड स्वरूप अर्थात उड़्डाणपुल के जैसा है। जिससे इस मार्ग के वन्यप्राणियों को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसी तरह एलिवेटेड ट्रैक् मेलघाट के गाभा क्षेत्र में तैयार किया जाजाए तथा उसके लिए विशेष निधि की व्यवस्था करने की मांग की गई है। रेल मार्ग के निर्माण के लिए केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार की अनुमति प्राप्त करने के लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति की जाए तथा रेल मार्ग का निर्माण जल्द गति से किया जाए ऐसी मांग की गई है। ज्ञापन पर कानफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राज्य उपाध्यक्ष अनिल नेनवाणी, हिंगोली जिला वयापारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर तोष्णीवाल, तहसील अध्यक्ष संजय देवडा, शहर उपाध्यक्ष सुमीत चौधरी के हस्ताक्षर है।