दैनिक भास्कर हिंदी: Covid-19 Vaccine: भारत बायोटेक की Covaxin के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू, मंत्री अनिल विज ने पहला टीका लगवाया

November 20th, 2020

हाईलाइट

  • पूरी दुनिया बीते करीब 10 महीनों से कोविड-19 महामारी से जूझ रही है
  • भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन (Covaxin) के तीसरे चरण का ट्रायल शुरु
  • मंत्री अनिल विज ने पहला टीका लगवाया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरी दुनिया बीते करीब 10 महीनों से कोविड-19 महामारी से जूझ रही है, लेकिन अब तक इससे निपटने के लिए कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है। इस बीच शुक्रवार को भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन (Covaxin) के तीसरे चरण का ट्रायल शुरु हो गया है। इस ट्रायल में हरियाणा के मंत्री अनिल विज भी वॉलंटियर के तौर पर शामिल हैं। रोहतक में ट्रायल शुरू होने के बाद अनिल विज ने पहला टीका लगवाया। भारत बायोटेक इंडियन कंपनी है जो Covaxin के नाम से कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही है

तीसरे राउंड में देश में कुल 25 हजार 800 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल होना है। उन तीन सेंटर में पीजीआई रोहतक भी शामिल है जहां तीसरे फेज में 200 वॉलियंटर्स पर वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है।  इस दौरान उनमें एंटीबॉडी की स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।  पीजीआई रोहतक के वाइस चांसलर ने कहा कि वैक्सीन की दो डोज होगी। पहली डोज देने के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। हमें उम्मीद है कि वैक्सीन 90 फीसदी से ज्यादा कारगर होगी।

बता दें कि कोविड-19 के 150 से भी ज्यादा टीको पर दुनियाभर में रिसर्च और ट्रायल चल रहा है। केवल रूस ऐसा देश है जिसने  कोविड-19 की पहली वैक्सीन को रजिस्टर किया और इसे स्पुतनिक V नाम दिया। हालांकि अभी बड़े पैमाने पर फेज-3 ट्रायल के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन से भी दुनिया को काफी उम्मीदे है। वहीं अगर भारत की बात की जाए तो यहां कोविड के तीन टीकों का ट्रायल चल रहा है। इनमें से दो वैक्‍सीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ही डेवलप की हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और भारत बायोटेक की बनाई वैक्‍सीन Covaxin तीसरे दौर के ट्रायल में है जबकि जायडस कैडिला की वैक्‍सीन ZyCov-D का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी की अस्‍त्राजेनेका वैक्‍सीन का भी ट्रायल चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन कह चुके हैं कि अगले साल जुलाई तक देश में कोरोना वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ खुराक आने और 20 से 25 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो जाने की संभवना है।

इसमें स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को प्राथमिकता में रखने की बात है। इसमें सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों के कर्मचारी, नर्स, पैरामेडिक्स, सैनिटरी स्टाफ, आशा,  और कोरोना मरीजों की टेस्टिंग व ट्रेसिंग से जुड़े लोग शामिल होंगे। राज्यों से ब्लॉक स्तर तक टीका पहुंचाने के लिए जरूरी कोल्ड चेन एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी भी मांगी गई है। ऐसे में अब पूरी-पूरी उम्मीद है कि 2021 के मध्य तक भारत को कोरोना की वैक्सीन मिल जाएगी और कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में आ जाएगा।

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