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 गधा मेले में सवा लाख की दीपिका, रणवीर की कीमत 1.80 लाख! 

 गधा मेले में सवा लाख की दीपिका, रणवीर की कीमत 1.80 लाख! 

डिजिटल डेस्क सतना। जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट के नयागांव में मंदाकिनी तट पर हर साल दीपावली के दूसरे दिन आयोजित होने वाले गधा मेला में अबकि दीपिका नामक मादा गधा सवा लाख में बिका, वहीं रणवीर की कीमत 1 लाख 80 हजार रुपए लगी। ये दोनों डीपू नस्ल के हैं। इससे पहले गधों और खच्चरों की बोली 10 हजार रुपए से शुुरु हुई। एक अनुमान के मुताबिक मंदी की मार के बाद भी इस गधा मेला में लगभग 12 करोड़ का कारोबार हुआ। विगत वर्ष इस मेले में 10 करोड़ की खरीद-फरोख्त हुई थी। अबकि चित्रकूट नगर पंचायत को 50 हजार की राजस्व आय हुई। गधों और खच्चरों के ऐतिहासिक मेला का एक  दिलचस्प तथ्य ये भी है कि बिकने के लिए आने वाले नर और मादा गधों के नाम फिल्मी सितारों के नाम पर होते हैं। बोली भी इन्हीं नामों से लगती है। 
 औरंगजेब के शासन में हुई थी शुरुआत 
कहते हैं, चित्रकूट के नयागांव में मंदाकिनी तट पर स्थित 6 एकड़ के परिसर में गधों के मेले की शुरुआत 16 वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब के समय में हुई थी। ऐसी मान्यता है औरंगजेब ने सामान की ढुलाई के लिए अपनी फौज के बेड़े में गधों और खच्चरों को शामिल करने के लिए बाजार लगवाया था। मेला में दूर-दूर से व्यापारी अपने गधों के साथ चित्रकूट पहुंचते हैं। नस्ल के हिसाब से कीमत तय की जाती है। 
 टूट रहा है दम 
गधों के मेले में पहुंचे कारोबारी चंदन यादव, कमलेश और सुखलाल ने बताया कि सैकड़ों वर्ष पुरानी मेला परंपरा का दम टूट रहा है। छोटे-छोटे माल वाहकों की बढ़ती तादाद से गधों और खच्चरों की मांग घटी है। कभी मुनाफा तो कभी घाटा लगता है। इस व्यापार के प्रति निरंतर अरुचि बढ़ रही है। गधों और खच्चरों का उपयोग सीमित हो जाने के कारण ये स्थितियां निर्मित हुई हैं।   
 

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