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 चित्रकूट के दीपोत्सव पर्व को मिलेगा राज्य स्तरीय मेला का दर्जा

 चित्रकूट के दीपोत्सव पर्व को मिलेगा राज्य स्तरीय मेला का दर्जा

डिजिटल डेस्क सतना। प्रदेश के जनसंपर्क , धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा ने दीपावली के अवसर पर लगने पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व को राज्य स्तरीय मेला का दर्ज दिए जाने की घोषणा की है। भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा कर शीघ्र ही आदेश जारी किए जाएंगे। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि  चित्रकूट के 84 कोसी परिक्रमा और रामवन गमन पथ में आने वाले सभी स्थानों को संरक्षित कर उनका विकास किए जाने पर काम चल रहा है। इस मौके पर चित्रकूट विधायक निलांशु चतुर्वेदी भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है, चित्रकूट के 84 कोसी परिक्रमा और रामवन गमन पथ को विकसित किए जाने का संकल्प  प्रदेश की कांग्रेस सरकार के बचनपत्र में भी शामिल था। 
बनाई जाए अध्यात्मिक राजधानी  
चित्रकूट विधायक निलांशु चतुर्वेदी ने चित्रकूट के दीपोत्सव पर्व को राज्य स्तरीय मेला का दर्ज दिए जाने के ऐलान पर कहा कि यह चित्रकूट के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके पहले इस तरह के प्रयास कभी भी नहीं किए गए। चित्रकूट के 84 कोसी परिक्रमा पथ और रामवन गमन पथ में आने वाले स्थानों को संरक्षित करने के साथ धार्मिक पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस संबंध में शासन स्तर पर तेजी के साथ काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके पहले चित्रकूट को प्रदेश और देश की अध्यात्मिक राजधानी बनाए जाने की मांंग की है। इस संबंध में अपने स्तर पर प्रयासरत हैं।  प्लान भी भेजा गया है। 
 मिलेगा अतिरिक्त बजट 
दीपावली के मौके पर पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव पर्व में देश-दुनिया से करीब 35 से 40 लाख से अधिक श्रद्वालु चित्रकूट पहुंचते हैं। मंदाकिनी में दीपदान और कामतानाथ की परिक्रमा करते हैं, मगर इतने बड़े मेला के आयोजन के लिए प्रदेश स्तर से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बजट नहीं मिलता। नगर परिषद को अपने स्तर पर मेला की व्यवस्थाएं करनी होती हैं। राज्य स्तरीय मेला में शामिल होने पर अब शासन से इसके लिए अतिरिक्त बजट मिलेगा जिसका उपयोग मेला की व्यवस्थाओं में किया जाएगा।   
इस तरह मिली सौगात  
सूत्रों के मुताबिक करीब 15 दिन पहले दीपोत्सव पर्व को राज्य स्तरीय मेला का दर्ज देने के संबंध में चित्रकूट विधायक निलांशु चतुर्वेदी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा से मुलाकात की थी। नगर परिषद के सीएमओ रमाकांत शुक्ला भी उनके साथ में थे। विधायक श्री चतुर्वेदी ने जनसंपर्क मंत्री को चित्रकूट में कलेक्टर डा. सत्येंद्र सिंह के द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने चित्रकूट के दीपपर्व को राज्य स्तरीय मेला का दर्जा दिए जाने की मांग भी की थी।  
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।