दैनिक भास्कर हिंदी: धनबाद जज की मौत मामला: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस सख्त, आटो बरामद, तीन गिरफ्तार

July 29th, 2021

हाईलाइट

  • सरेराह जज को ऑटो ने मारी टक्कर
  • अस्पताल में अज्ञात के तौर पर किए गए भर्ती
  • हाईकोर्ट सख्त, सकते में सरकार

डिजिटल डेस्क, धनबाद। धनबाद में जॉगिंग करने के दौरान ऑटो की टक्कर से हुई जज की मौत का मामला गर्माता जा रहा है। इस मुद्दे पर रांची हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सरकार पर सख्ती दिखाई है। आपको बता दें धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद सुबह जॉगिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान सड़क पर एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मारी। जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। मामला हादसे से ज्यादा हत्या का नजर आ रहा है। 

पुलिस का शक
पुलिस ने इस मामले में टक्कर मारने वाले ऑटो को गिरिडीह से बरामद कर लिया है। ऑटो ड्राइवर सहित दो को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। दोनों आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा से पूछताछ जारी है। पुलिस ये जानने में जुटी है कि ये हादसा था या फिर सोची समझी साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक भी जारी है। इस मामले में पुलिस मुख्यालय खुद अपडेट ले रहा है। खुद डीआईजी लगातार संपर्क में बने हुए हैं। ऑटोचालक ने शुरूआती बयान में कहा है कि संतुलन बिगड़ने की वजह से दुर्घटना हुई।

सरकार सख्त
इस मामले में हाईकोर्ट ने भी सख्ती दिखाई है और सरकार से जवाब मांगा है। सरकार भी मामले पर सख्त है। धनबाद के प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता ने डीसी संदीप कुमार और एसएसपी संजीव कुमार से ट्वीट कर उच्च स्तरीय समिति बनाने और सप्ताहभर में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। 

अज्ञात के तौर पर अस्पताल में भर्ती
जज उत्तम आनंद हर सुबह साढ़े चार बजे अपने घर से टहलने निकलते थे। साढ़े आठ बजे तक जब वो लौट कर नहीं आए तब उनकी पत्नी ने उनकी खोजबीन शुरू करवाई। मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद अस्पतालों में खोजबीन शुरू की गई। पुलिस ने SNMMCH में संपर्क किया तो जानकारी मिली की सुबह साढ़े पांच बजे किसी अज्ञात को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिनकी सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो चुकी है। इस जानकारी के बाद जज के बॉडीगार्ड ने उनकी पहचान की। इस घटना के बाद जज की पत्नी कृति सिन्हा ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है। 

अहम मामलों की सुनवाई कर रहे थे जज
जज उत्तम आनंद कई अहम मामलों की सुनवाई कर रहे थे। वो झरिया के रंजय सिंह की हत्या के मामले की सुनवाई कर रहे थे। दो दिन पहले ही उनकी अदालत ने नीरज सिंह हत्याकांड के मामले में शूटर अमन सिंह, अभिनव प्रताप सिंह की जमानत अर्जी खारिज की थी। इससे पहले वो दो अलग अलग मामलों में तीन लोगों को उम्र कैद की सजा सुना चुके हैं।