दैनिक भास्कर हिंदी: संकट में भी कलह : व्यक्तिगत टिप्पणी से आहत आयुक्त मुंढे ने किया सभात्याग

June 21st, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकार से हरी झंडी मिलने पर बुलाई गई मनपा की आमसभा में प्रश्नकाल के दौरान पहले ही विषय पर बहस में आयुक्त की नगरसेवकों के साथ तीखी नोक-झोंक हुई। इस बीच व्यक्तिगत टिप्पणी से नाराज होकर आयुक्त तुकाराम मुंढे सभा त्यागकर चले गए। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते रेशमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में सभा आयोजित की गई थी। सभा निर्धारित समय 11 बजे से 1.55 मिनट देरी से शुरू हुई। शोक प्रस्ताव, अभिनंदन प्रस्ताव के बाद प्रश्नकाल में पहले ही विषय पर चर्चा के बाद महापौर संदीप जोशी ने 23 जून की सुबह 11 बजे तक सभा स्थगित करने की घोषणा कर दी।

महापौर ने किया हस्तक्षेप

प्रश्नकाल के दौरान हरीश ग्वालवंशी ने केटी नगर अस्पताल का मुद्दा उठाया। जिस जगह अस्पताल का निर्माण किया गया है, वह जगह व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित है। आरक्षण बिना बदले उस जगह का अन्य काम के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। इस सवाल का जवाब देने आयुक्त तुकाराम मुंढे खड़े हुए। तभी दयाशंकर तिवारी प्वाइंट ऑफ इंफार्मेशन लेकर माइक के पास पहुंचे। आयुक्त को बीच में रोककर अपनी बात रखना चाह रहे थे। आयुक्त ने तिवारी से पहले अपना जवाब सुनने के लिए कहा। इस बात पर दोनों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। तिवारी ने आक्रोश में आकर आयुक्त को सदन की परंपरा से अवगत कराने का महापौर से अनुरोध किया। महापौर ने हस्तक्षेप कर तिवारी को पक्ष रखने की अनुमति दी। इस घटना से नाराज आयुक्त ने  ऐसे ही चलने पर सदन से चले जाने की चेतावनी दी। महापौर के समझाने पर आयुक्त बैठ गए। इसके बाद ग्वालवंशी पुन: खड़े हो गए। उन्होंने आयुक्त की कार्यप्रणाली की हुकुमशाह से तुलना की। जोश-जोश में तुकाराम नाम पर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर दिए। व्यक्तिगत टिप्पणी से नाराज आयुक्त खड़े हुए और महापौर को धन्यवाद कहकर सदन से चले गए। 

जांच समिति गठित

केटी नगर अस्पताल की जांच के लिए समिति गठित की गई है। स्थायी समिति अध्यक्ष विजय झलके की अध्यक्षता में समिति में स्वास्थ्य समिति सभापति, निर्माणकार्य समिति सभापति, विधि समिति सभापति, नेता प्रतिपक्ष, बसपा गट नेता, नगरसेवक प्रवीण दटके, डॉ. परिणीता फुके, हरीश ग्वालवंशी का चयन किया गया है।

3 स्थगन प्रस्ताव पेश 

विकासकार्यों पर लगाई गई रोक, कोरोना संक्रमणकाल में जनप्रतिनिधि को विश्वास में नहीं लेकर उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने के मुद्दे पर 3 सदस्यों ने स्थगत प्रस्ताव की नोटिस दी। मंगला गवरे ने प्रस्ताव में प्रभाग के विविध विकासकार्यों के कार्यादेश जारी होने के बाद भी रोक लगाने का मुद्दा उठाया। आयुक्त उनकी समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं है। महापौर से हस्तक्षेप कर समस्या सुलझाने का अनुरोध किया। नितीन साठवने ने कोविड-19 की उपाययोजना में जनप्रतिनिधि को विश्वास में नहीं लेने का मुद्दा उपस्थित किया। उन्होंने कहा कि प्रभाग के नागरिकों की सेवा में सामने आने पर उल्टे उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया। संजय महाकालकर ने स्थगन प्रस्ताव में आयुक्त पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम उपाययोजना में क्वारेंटाइन सेंटर तथा सील एरिया में जीवनावश्यक सेवा नहीं मिलने पर आयुक्त से शिकायत करने के बाद भी प्रतिसाद नहीं मिलने का मुद्दा उपस्थित किया। सहायता के लिए अागे आने पर उन्हीं के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज करने का विरोध करते हुए आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा। आयुक्त ने महाकालकर का अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत कर अन्य दो स्थगन प्रस्ताव पर 23 जून की सभा में चर्चा के लिए स्वीकृत किया।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की दृष्टि से भट सभागृह में आमसभा हुई। सभागृह में मंच पर अधिकारियों के बीच एक-एक मीटर का अंतर रखा गया। सदस्यों के लिए आसान की एक कतार छोड़ दो सदस्यों के बीच दोनों साइड में दो-दो सीट के अंतर पर बैठने की व्यवस्था की गई। सदस्यों को अपना पक्ष रखने के लिए मंच के सामने कतार से स्टैंड पर माइक लगाए गए। प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर लेकर कर्मचारी तैनात रहे। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

बाहर समर्थन में नारे

मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्यप्रणाली को लेकर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष ने विरोध किया। उसी समय सदन के बाहर मुंढे के समर्थन में ‘नागपुर की जनता मैदान में’ लिखे पोस्टर हाथ में लिए युवक कांग्रेस कार्यकर्ता खड़े हो गए। मनपा के इतिहास में आयुक्त का समर्थन और विरोध की यह स्थिति संभवत: पहली बार देखी गई। सदन छोड़कर जब मुंढे बाहर निकले, उस समय गेट के बाहर खड़े कार्यकर्ताओं ने पोस्टर, झंडे लहराए और अंगूठा दिखाकर उनका समर्थन किया। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बंटी शेलके, शहर अध्यक्ष तौफीक खान के नेतृत्व में समर्थन किया गया।

दिव्यांगों का प्रदर्शन  दिव्यांग स्वरोजगार योजना के लाभ से वंचित दिव्यांगों ने सुरेश भट सभागृह के सामने प्रदर्शन किया। रोजगार के लिए निधि उपलब्ध कराने की मांग की।

आपली बस कर्मचारी पहुंचे  आपली बस कर्मचारी आमसभा स्थल पहुंचे। 3 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार पर भूखे मरने की नौबत आई गई है। वेतन भुगतान करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

‘आप’ साथ : आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भट सभागृह के सामने मुंढे का विरोध करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी का मानना है कि मुंढे ने मनपा में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोली है। नेताओं को भ्रष्टाचार की आंच आने का डर सता रहा है। इससे बचने के लिए मनपा में सभी दल मुंढे का विरोध कर रहे हैं।

ऐसी रही बैठक व्यवस्था

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की दृष्टि से भट सभागृह में आमसभा हुई। सभागृह में मंच पर अधिकारियों के बीच एक-एक मीटर का अंतर रखा गया। सदस्यों के लिए आसान की एक कतार छोड़ दो सदस्यों के बीच दोनों साइड में दो-दो सीट के अंतर पर बैठने की व्यवस्था की गई। सदस्यों को अपना पक्ष रखने के लिए मंच के सामने कतार से स्टैंड पर माइक लगाए गए।