महाराष्ट्र राज्य कोऑपरेटिव बैंक घोटाला: ईडी ने जब्त कि राज्यमंत्री तानपुरे की 13.41 करोड़ की जमीन

February 28th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के नगरविकास एवं ऊर्जा राज्य मंत्री और राकांपा नेता प्राजक्त तानपुरे की 4.6 एकड़ जमीन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर ली है। महाराष्ट्र राज्य कोआपरेटिव (एमएससी) बैंक घोटाला मामले में ईडी ने कुल 13.41 करोड़ रुपए कीमत की 90 एकड़ जमीन जब्त की है इसमें तानपुरे की दो गैरकृषि जमीनें भी शामिल हैं। तानपुरे की जमीन की कीमत 7.6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। बाकी जमीने राम गणेश गडकरी चीनी मिल की हैं लेकिन ये तक्षशिला सिक्योरिटीज प्रायवेट लिमिडेट के नाम पर थीं। 

इस मामले में पिछले साल दिसंबर महीने में ईडी ने इस मामले में तानपुरे से छह घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि एमएससी बैंक ने साल 2007 में राम गणेश गडकरी चीनी मिल नीलाम किया था लेकिन नियमों का उल्लंघन कर इसकी कीमत बेहद कम लगाई थी। यह चीनी मिल प्रसाद शुगर और एलाइड एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड नाम की दो कंपनियों को बेचा गया जो प्राजक्त तानपुरे की थीं। चीनी मिल की न्यूनतम कीमत (रिजर्व प्राइज) 26.32 करोड़ रुपए थी लेकिन इसे सिर्फ 12.95 करोड़ रुपए में तानपुरे की कंपनियों के हवाले कर दिया गया। 

ईडी जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बोली लगाने वाली दूसरी कंपनी प्रसाद शुगर द्वारा ही तैयार की गई फर्जी कंपनी थी। उसने बोली में शामिल होने के लिए जरूरी रकम भी बैंक में नहीं जमा कराई थी। नियमों के मुताबिक बोली के 52 दिन के भीतर पैसों का भुगतान किया जाना चाहिए था लेकिन ईडी ने अपनी जांच में पाया कि पैसों का भुगतान 2010 में किया गया। साल 2011 में प्रसाद शुगर ने जमीन तक्षशिला सिक्योरिटीज को बेंच दी। जांच में यह भी पता चला कि भुगतान के लिए जिन पैसों का इस्तेमाल किया गया वह दूसरे लोगों ने दिया था लेकिन इसकी साफ वजह नहीं सामने आई। पैसे देने वालों में राम गणेश चीनी मिल के 1995 से 2004 तक अध्यक्ष रहे थे।                   

प्रसाद शुगर भी तानपुरे के परिवार के सदस्यों की कंपनी है। तानपुरे साल 2004 से 2010 के बीच एमएससी बैंक के निदेशकों में भी शामिल थे। आरोप है कि गडकरी शुगर मिल पर कब्जा मिलने के बाद उसकी मशीने निकालकर अहमदनगर के वामबोरी में लगा दी गई और जमीन बेंच दी गई। मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज की थी। ईडी ने इसी एफआईआर के आधार पर मामले की छानबीन शुरू की है। एमएससी बैंक घोटाला मामले में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी जांच के दायरे में हैं।