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ट्रांसफर आर्डर आने के बावजूद कुर्सी नहीं छोड़ रहे कर्मचारी

ट्रांसफर आर्डर आने के बावजूद कुर्सी नहीं छोड़ रहे कर्मचारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में करीब 15 दिनों पूर्व 4 कर्मचारियों को एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर किया गया। प्रभारी कुलसचिव डॉ. नीरज खटी ने वर्षों से अपनी कुर्सी पर जमे इन कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां दीं और तुरंत नई जगह पर काम संभालने के आदेश जारी किए। लेकिन 2 कर्मचारियों ने करीब 15 दिन के बाद भी अपनी जगह नहीं छोड़ी है। विवि ने सतीश मुरमारे को गोपनीय विभाग से व्यावसायिक परीक्षा विभाग में ट्रांसफर किया। इसी तरह पूर्व परीक्षाओं की जिम्मेदारी संभालने वाले सहायक कुलसचिव नवीन मुंगले को गोपनीय विभाग भेजा गया। दोनों ने नई जगह जाने से साफ इनकार कर दिया है। नतीजतन ये दोनों अपनी पहली जिम्मेदारियों पर ही टिके हैं। इधर कुलसचिव ने पीएचडी सेल के बिंदुप्रसाद शुक्ला को सामान्य परीक्षा विभाग और सामान्य परीक्षा विभाग के मोतीराम तड़स को पीएचडी सेल भेज दिया, दोनों ने अपनी नई जिम्मेदरियां संभाल ली हैं।

शीतकालीन परीक्षा का बना रहे बहाना 

परीक्षा विभाग में बीते दिनों मूल्यांकनकर्ताओं को देने के लिए रखे गए 1 लाख रुपए गायब हो गए थे। जांच में यह भी निकल कर आया था कि संबंधित कर्मचारी यह रकम उड़ा ले गया था। इसी तरह बाहर से आए मूल्यांकनकर्ताओं को गलत चेक देकर उनका मानदेय भी डकारने के मामले सामने आए थे। परीक्षा भवन में एक ही टेबल पर वर्षों से जमे कर्मचारियों के ट्रांसफर की चर्चाएं गर्म हो गई थीं। अंतत: ट्रांसफर ऑर्डर निकला, लेकिन उसे न मानने के कर्मचारियों के रवैए से फिर विवि की पारदर्शी प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रफुल्ल साबले ने स्पष्टीकरण दिया कि विवि की शीतकालीन परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अब कर्मचारियों को एक से दूसरे विभाग में शिफ्ट किया, तो कामकाज में परेशानी खड़ी हो जाएगी। इसलिए परीक्षा विभाग ने विवि प्रशासन को पत्र लिखकर इन दोनों कर्मचारियों के ट्रांसफर को 31 नवंबर तक रोकने की प्रार्थना की है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।