दैनिक भास्कर हिंदी: बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते नागपुर लाए थे नकली नोट, मुख्य आरोपी को 29 तक न्यायिक हिरासत

January 20th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते नागपुर में नकली नोट लाने के मामले में देश की शीर्ष एजेंसी जांच करने में जुट गई है। जल्द ही नकली नोट लाने वालों से नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) आरोपियों से पूछताछ करने वाली है। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर आंचलिक यूनिट ने लालू खान सहित अन्य तीन आरोपियों को जाल बिछाकर पकड़ा था अौर  18 लाख 74 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए थे। 

यह था मामला

डीआरआई के खुफिया अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ लोग  बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में घुसते हैं और नागपुर में नकली नोट लेकर पहुंचते हैं। मामले में 13 जनवरी को हजरत ताजुद्दीन बाबा दरगाह (बड़ा ताजबाग) में डीआरआई की खुफिया टीम ने वेश बदलकर दबिश दी। लालू खान (38) को 13 लाख 67 हजार 500 रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, 15 जनवरी को जाल बिछाकर बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से नागपुर पहुंचे। महेश बागवान (42), रणधीर सिंह ठाकुर (31) और रीतेश रघुवंशी उर्फ यश ठाकुर (35) को बुधवार को नकली नोटों के साथ ट्रैप कर पकड़ा गया। तीनों को 29 जनवरी तक के िलए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में 89 हजार रुपए और 4 लाख 18 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किए। मामले में मुख्य आरोपी को न्यायालय ने 18 जनवरी तक डीआरआई की रिमांड दी थी। अब मुख्य आरोपी को 29 जनवरी तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं मामले में पकड़े गए अन्य तीन आरोपियों को पूर्व में ही 29 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

जारी है बांग्लादेश की बॉर्डर पर कार्रवाई

भारतीय मुद्रा के नकली नोट के मामले में पकड़े गए मामले में आरोपियों की निशानदेही पर बांग्लादेश बॉर्डर के अंदर कार्रवाई चलने की जानकारी लगातार मिल रही है। यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में की जा रही है, दूसरे देश की सीमा लगने के कारण कार्रवाई में समय लग रहा है।