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डॉक्टर को लेने घर जा रही एम्बुलेंस में लगी आग

डॉक्टर को लेने घर जा रही एम्बुलेंस में लगी आग

डिजिटल डेस्क, सतना। डॉक्टर को घर लेने जा रही जिला अस्पताल की एम्बुलेंस में अचानक आग भड़क उठी। वो तो भला हो आसपास के दुकानदारों का जिन्होंने फायर बिग्रेड के पहुंचने से पहले आग पर काबू पा लिया। एम्बुलेंस में जिस वक्त आग लगी उस समय उसमें वार्ड आया एवं चालक ही मौजूद थे। आगजनी के बाद एम्बुलेंस दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी। जानकारों का कहना है कि यह एम्बुलेंस वर्ष 2011 में खरीदी गई थी। जबकि वर्ष 2013 के बाद एम्बुलेंस का फिटनेस नहीं बनाया गया है। 

गायनोकॉलॉजिस्ट के लिए भेजी गई थी
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ड्यूटी डॉक्टर अमर सिंह ने गंभीर पेशेंट को देखने के लिए स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा त्रिपाठी को कॉल भेजा गया था। इस कॉल के तहत ही डॉ. त्रिपाठी को लेने के लिए सरकारी एम्बुलेंस क्रमांक एमपी 19 जीए 1346 को कोठी रोड स्थित उनके आवास भेजा गया था। इस एम्बुलेंस का इस्तेमाल डॉक्टरों को कॉल पर लाने-ले जाने के लिए ही किया जा रहा था। चालक जेम्स टोपो के साथ मेटरनिटी विंग की एक वार्ड आया कॉलबुक लेकर एम्बुलेंस में बैठकर जिला अस्पताल से रवाना हुए। यह एम्बुलेंस जैसे ही कोठी मोड़ से कुछ आगे पहुंची कि अचानक इंजन के पास से चिंगारियां उठने लगीं जो देखते ही देखते बड़ी आग का रूप ले लिया। ड्राइवर ने एम्बुलेंस रोकी तो आसपास के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों से पानी लेकर दौड़ पड़े। इस बीच किसी ने फायर बिग्रेड को सूचित कर दिया।
 

डॉक्टर को भेजी गई दूसरी एम्बुलेंस
आग बुझने के बाद भी एम्बुलेंस दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी लिहाजा इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. रेखा त्रिपाठी के लिए दूसरी एम्बुलेंस का बंदोबस्त किया। गौरतलब है कि जब इस एम्बुलेंस को वर्ष 2011 में खरीदा गया था तब बतौर टैक्स 906 रुपए जमा किए गए थे। इसके बाद उसका कोई टैक्स नहीं जमा जबकि फिटनेस भी 2013 के बाद नहीं किया गया। यह वाहन रोगी कल्याण समिति के सचिव के नाम रजिस्टर्ड है।

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