दैनिक भास्कर हिंदी: हनी ट्रैप : एक और लेफ्टिनेंट कर्नल गिरफ्तार, जबलपुर में इंटेलिजेंस ने पकड़ा

February 14th, 2018

डिजिटल डेस्क जबलपुर । हनी ट्रैप और सेना के हाईली कॉन्फिडेंशियल पेपर लीक करने के मामले में लखनऊ कमांड हैडक्वार्टर के इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जबलपुर स्थित 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में बड़ी कार्यवाही की। रात के आठ बजे, एक साथ तकरीबन 16-17 सैन्य अफसरों की गाडिय़ां वर्कशॉप में दाखिल हुईं। एक लेफ्टिनेंट कर्नल के दफ्तर में पूरी रात छानबीन चली और कुछ कम्प्यूटर और फाइलें जब्त की गई हैं। बाद में सैन्य अधिकारी को मध्य भारत एरिया आर्मी हैड क्वार्टर ले जाकर भी पूछताछ की गई।  आर्मी बेस वर्कशॉप में इस तरह की कार्यवाही को जिसने भी देखा उसके हाथ-पैर फूल गए। सैन्य सूत्रों का कहना है कि एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ आर्मी इंटेलिजेंस की ओर से यह बड़ी कार्यवाही की गई है। मामला बेहद संवेदनशील और प्रक्रिया में होने की वजह से कोई भी आर्मी ऑफीसर कुछ बोलने तैयार नहीं है। बहरहाल इस तरह की कार्यवाही को लेकर वर्कशॉप में सन्नाटे के साथ दहशत का माहौल बना हुआ है।
हनी ट्रैप..हाईली कॉन्फिडेंशियल पेपर लीक..?
इस मामले को हनी ट्रैप से जोड़ कर बताया जा रहा है। शुरूआती दौर में बताया गया कि कुछ समय पहले ही आर्मी ऑफीसर के अकाउंट में एक करोड़ की रकम ट्रांसफर हुई है। जिस खाते से बड़ा अमाउंट आया उसे संदेहास्पद माना जा रहा है। चंद घंटों के बाद कहा गया कि सैन्य ऑफीसर की तरफ से कुछ हाईली कॉन्फिडेंशियल पेपर लीक किए गए। नेट पर अपलोडिंग के साथ ही आईबी ने शिकंजा कसा और अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई।
सिर्फ कमान्डेंट को ही एंट्री
इंटेलिजेंस ब्यूरो की गोपनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस वक्त दफ्तर में छानबीन शुरू की गई उस दौरान किसी को दाखिल नहीं होने दिया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल के कार्यालय में वर्कशॉप कमान्डेंट के अलावा किसी को एंट्री नहीं दी गई।
रात में 12 घंटे इंक्वायरी
आईटी ऑफीसर ठीक पौने आठ बजे लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ वर्कशॉप में दाखिल हुए। छानबीन इतनी लंबी चली कि सुबह के 8 बज गए। इसके बाद ऑफीसर्स बाहर निकले। पता चला है कि हैडक्वार्टर में भी सैन्य अधिकारी से पूछताछ की गई है।
लखनऊ कमांड से आई स्पेशल टीम
पूरी कार्यवाही लखनऊ आर्मी कमांड हैडक्वार्टर से ऑपरेट की गई। इस ऑपरेशन की  सुपर सीनियर ऑफीसर्स ने वहीं से मॉनीटरिंग भी की। यह भी पता चला है कि एमबी एरिया से कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी लखनऊ हैडक्वार्टर ले जाया गया है।