दैनिक भास्कर हिंदी: पोल्यूशन कम कर बढ़ाई जा सकती है आयु,एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स से ऐसा होगा संभव

February 18th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बढ़ते प्रदूषण से जीवन को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद सरकार ने जारी रखी है। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में जारी नेशनल क्लीन एयर प्राेग्राम के तहत पोल्यूशन कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंभीरता से प्रयास करे तो नागपुर समेत राज्य के नागरिकों के जीवन में एक वर्ष की वृद्धि संभव है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में हुए अध्ययन के अनुसार, अर्थशास्त्री मिशेल ग्रीन ने एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स जारी किया है, जिसके अनुसार भारत में केंद्र सरकार की ओर से जारी एनसीएपी (नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) की ओर से तय लक्ष्य प्राप्त कर लेने पर औसत भारतीय की जीवन प्रत्याशा 1.3 वर्ष बढ़ सकती है। हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 102 शहरों की सूची में 16 शहरों के साथ महाराष्ट्र सबसे ऊपर था। इस 16 शहरों में नागपुर भी शामिल है। 

20-30 फीसदी पोल्यूशन कम करने का लक्ष्य 
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से दस जनवरी को शुरू की गई इस योजना के तहत नीति निर्धारकों ने अगले पांच वर्ष में पार्टिकुलेटेड मैटर (पीएम 2.5) को 20 से 30 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश के 102 नॉन अटेन्मेन्ट शहरों की पहचान की है, जहां वायु प्रदूषण स्तर देश के नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड से ज्यादा खराब है। इन 102 शहरों में सबसे ज्यादा 16 शहर महाराष्ट्र के हैं। अध्ययन के मुताबिक इन शहरों में अगर पार्टिकुलेटेड मैटर (पीएम 2.5) का स्तर 25 फीसदी कम कर लिया जाए तो यहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा में एक वर्ष बढ़ सकता है। 

पुणे और मुंबई से ज्यादा प्रदूषण नागपुर में
नागपुर में मुंबई और पुणे की तुलना में कम जनसंख्या के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर ज्यादा है। इसमें अगर 25 फीसदी की कमी यानी 33 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर लाया जाए तो नागरिकों की जीवन प्रत्याशा 1.1 वर्ष बढ़ सकता है।

नागपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स
17 फरवरी रविवार को नागपुर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स मध्यम रहा। यह श्वसन संबंधी परेशानी वाले लोगों, जिनको फेफड़ों, हृदयराेग के लिए खतरनाक है। इसमें पीएम 10 -84.78 और पीएम 2.5 -49.53 रहा।

औरंगाबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित
वर्ष 2016 के अनुसार राज्य के औरंगाबाद में पार्टिकुलेटेड मैटर (पीएम 2.5) का स्तर औसतन 75 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। वहां अगर इसमें 25 फीसदी की कमी कर इसे 57 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर लाया जाए तो वहां के लोगों के जीवन में दो वर्ष जुड़ सकते हैं। 

बोर्ड के वेबसाइट पर सप्ताह भर पुराना डेटा
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नागपुर विभाग के वेबसाइट पर प्रदूषण संबंधी अपडेट आकड़े नहीं हैं। केंद्र का सिर्फ एक सिविल लाइंस इकाई पर रिकार्ड मौजूद है और वह भी 10 फरवरी तक का ही है।  

यह है एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स
वायु प्रदूषण के पार्टिकुलेटेड मैटर को जीवन प्रत्याशा से जोड़कर अर्थशास्त्री मिशेल ग्रीन व शिकागो विश्वविद्यालय ने एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स तैयार किया है। यह इंडेक्स वायु प्रदूषण को सीधे मनुष्य के आयु से जोड़कर उसका प्रभाव बताती है। 
 

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