दैनिक भास्कर हिंदी:  सैकड़ों की तादाद में घूम रहे चोरी के दोपहिया वाहन, आईटीएमएस से घर भेजे गए चालान से खुल रही पोल

November 4th, 2019

डिजिटल डेस्क जबलपुर। यदि आपका दोपहिया वाहन कभी चोरी हो जाए तो पुलिस पर भरोसा मत करिएगा कि वो उसे ढूँढ निकालेगी, क्योंकि दोपहिया वाहनों की चोरी की सैकड़ों शिकायतें विभिन्न थानों में दर्ज हैं, और दोपहिया चोर शहर में सक्रिय हैं। शहर में सैकड़ों की तादाद में चोरी के दोपहिया वाहन घूम रहे हैं जिसकी पोल अब आईटीएमएस से घर भेजे जा रहे चालान के जरिए खुल रही है। 
  वाहन चुराने के बाद चोर नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं। किसी दूसरे का वाहन नंबर चोरी के दोपहिया वाहनों में अंकित कर देते हैं। ऐसा करने के बाद इन वाहनों को कम कीमत में किसी दूसरे को बेच दिया जाता है। जब गाड़ी के पेपर की बारी आती है तो बोलते हैं वो गुम हो गए हैं। खरीददार भी वाहन की कीमत कम और कंडीशन अच्छी देख ज्यादा बहसबाजी में न पड़ चोरी के वाहन खरीद लेते हैं। इस तरह दोहपिया वाहनों की चोरी का सिलसिला मजे से फल-फूल रहा है। 
 दशहरा पर चोरी हुए आधा सैकड़ा से अधिक दोपहिया
 सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों की चोरी दशहरा पर्व पर होती है। इस दौरान लोग अपने घरों पर सालों से खड़े दोपहिया वाहन निकाल कर दुर्गा प्रतिमाएँ देखने निकल पड़ते हैं। उमडऩे वाली भीड़ के कारण लोगोंं को जहाँ जगह मिलती है वहाँ अपने दोपहिया वाहन खड़े कर घंटों तक  गायब हो जाते हैं, इसका फायदा उठाते हुए चोर, वाहनों का  लॉक मास्टर-की से खोलकर उसे ले उड़ते हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इस बार भी दशहरा पर्व पर आधा सैकड़ा से अधिक दोपहिया वाहन चोरी हुए हैं, जिन्हें खोजने की जहमत भी पुलिस नहीं उठा रही है। 
सीसीटीवी कैमरे बने शो-पीस
शहर में तकरीबन हर तिराहे-चौराहे सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। पुलिस यदि चाहे तो दोपहिया वाहन चोरों को आसानी से पकड़ सकती है, परंतु ऐसा करती नहीं है। इससे ही चोरों के हौसले बुलंद हैं। किसी दूसरे के नंबर पर वाहन चलाने वाले इन चोरों को ट्रैफिक नियम तोडऩे की भी परवाह नहीं होती है, क्योंकि वे अच्छे से जानते हैं कि यदि ई-चालान आएगा भी तो उनके घर नहीं, बल्कि जिसके नंबर पर वे गाड़ी चला रहे हैं उसके नंबर पर आएगा। 

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