comScore

भाजपा के अनुच्छेद 370 के जवाब में शिवसेना ने उछाला राम मंदिर निर्माण का मुद्दा 

भाजपा के अनुच्छेद 370 के जवाब में शिवसेना ने उछाला राम मंदिर निर्माण का मुद्दा 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा की तरफ से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को भुनाने की कोशिशों के बीच शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को उछाल दिया है। सोमवार को शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार से विशेष कानून बनाकर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग की। शिवालय में पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए जिस तरीके से अपने अधिकार का इस्तेमाल किया उसी तरह राम मंदिर के निर्माण के लिए भी केंद्र सरकार को साहसी कदम उठाना चाहिए। उद्धव ने कहा कि साल 1990-92 से यह मामला चल रहा है।

अदालत से हमारी अपील है कि जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाएं। हमारा अदालत पर भरोसा और विश्वास है। लेकिन यदि अदालत में और समय लग रहा है तो अब ज्यादा देर तक इंतजार के लिए किसी के पास समय नहीं है। जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। उद्धव ने कहा कि केंद्र सरकार अच्छे ढंग से काम कर रही है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अदालत की ओर नहीं देखा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला केंद्र सरकार ने अपने आप ले लिया। इसी तरह से केंद्र सरकार को राम मंदिर बनाने के बारे में भी फैसला करना चाहिए।

उद्धव ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हमारी श्रद्धा और अस्मिता का विषय है। यदि शिवसैनिकों को राम मंदिर की पहली ईंट रखने का मौका मिलेगा तो यह हमारे लिए पूरी जिंदगी में बहुत बड़ी बात होगी। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के साथ अन्याय होने के सवाल पर उद्धव ने कहा कि पड़ोसी देश को केंद्र सरकार पहले एक बार जवाब दे चुका है लेकिन ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान को एक और ठोस जवाब देने की जरूरत है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर उद्धव ने कहा कि ऐसे बयानों की वजह से ही लोकसभा चुनाव में उनकी हार हुई है क्योंकि भारत में देश भक्ति के अलावा लोग किसी चीज को महत्व नहीं देते हैं। 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा क्षेत्र नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट पर शिवसेना के इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार के सवाल पर उद्धव ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने और जीतने के लिए नहीं होती है। पार्टी के विचारों को लोगों तक पहुंचाना होता है। इससे पार्टी के लिए काम करने वाले अच्छे लोग मिलते हैं। उद्धव ने कहा कि मैंने अभी तक यह जानकारी नहीं ली है कि किस सीट पर कितने इच्छुकों ने साक्षात्कार दिए हैं। भाजपा और शिवसेना के गठजोड़ के सवाल पर उद्धव ने कहा कि युति की घोषणा होगी लेकिन मीडिया को इतनी जल्दबाजी क्यों है।

कमेंट करें
TG2BL
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।