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कांग्रेस विधायक निलय के सतना सहित 20 ठिकानों पर आयकर के छापे - 5 लॉकर और करोड़ों की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले

कांग्रेस विधायक निलय के सतना सहित 20 ठिकानों पर आयकर के छापे - 5 लॉकर और करोड़ों की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले

व्हाट्सएप चैट और मोबाइल में मिला टैक्स चोरी का हिसाब
डिजिटल डेस्क सतना भोपाल ।
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग, भोपाल की टीम ने कांग्रेस विधायक निलय डागा के यहां तीन राज्यों के छह शहरों में फैले 20 ठिकानों पर छापे मारे हैं। निलय का परिवार खाद्य तेलों के कारोबार में हैं। उनके बैतूल के साथ सतना और सोलापुर में सोया ऑयल के प्लांट हैं। आयकर विभाग की टीम ने अपने वाहनों के बड़े काफिले को आम लोगों की नजरों से बचाने के लिए सभी वाहनों पर नेटलिंक समिट के पंपलेट चस्पा कर रखे थे। सोया प्लांट का संचालन खुद विधायक निलय डागा समेत 4 भाई करते हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि छापे के पहले दिन विभाग को करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले हैं। डागा भाई आपस में ज्यादातर हिसाब किताब मोबाइल और व्हाट्सएप पर करते थे। इसलिए विभाग ने इनकी व्हाट्सएप को रिट्राइव कराया है। इसमें उसे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी मिलने की संभावना है। 
विभाग को कुल 5 लॉकर भी मिले हैं। यह लॉकर शुक्रवार या शनिवार को खोले जा सकते हैं। आयकर विभाग की टीम ने निलय डागा की कंपनी के मुंबई स्थित कॉरपोरेट ऑफिस, सोलापुर और सतना स्थित सोया प्लांट, बैतूल के कोसमी स्थित बैतूल ऑयल मिल, सतपुड़ा वेली स्कूल, कोठी बाजार स्थित निवास, परसवाड़ा स्थित गोदाम और बीज उत्पादक समिति के ऑफिस भी पहुंची। महाराष्ट्र में निलय का काली मिर्च और हल्दी का कारोबार है। 
निलय डागा की कंपनी पर प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश के एवज में टैक्स में गलत छूट लेने का एक मामला भी सामने आया था। उसकी जांच चल रही है। उनकी कंपनी ने राज्य सरकार से 8 करोड़ रुपए की छूट ले ली थी, जिसकी पात्रता उनकी कंपनी को नहीं थी। क्योंंकि वह तय समय सीमा के पहले ही निवेश की गई राशि का ढाई गुना बतौर छूट ले चुकी थी। इस मामले में डागा की कंपनी पर दोबारा टैक्स की देनदारी खड़ी की गई है।
मध्यप्रदेश की बड़ी सोया ऑयल कंपनी है बैतूल ऑयल 
बैतूल ऑयल कंपनी की स्थापना कांग्रेस विधायक निलय डागा के पिता स्व. विनोद डागा ने की थी। 1995 में इसकी कमान निलय के पास आई। कंपनी के पास रोजाना 370 टन ऑयल उत्पादन की क्षमता है। बैतूल स्थित प्लांट की क्षमता 100 टन रोजाना है। कंपनी ने प्रदेश के सतना और महाराष्ट्र के सोलापुर में दो सॉल्वेंट प्लांट लगाए हैं। इससे उसकी क्षमता बढ़कर 1250 टन रोजाना हो गई है। कंपनी के धूले महाराष्ट्र और देवास मप्र में 1.25 मेगावॉट क्षमता वाले विद्युत उत्पादन संयंत्र भी हैं।  
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।