दैनिक भास्कर हिंदी:  शहर सहित आसपास के जिलों को मिलाकर 4 हजार सिलेंडर की माँग, एक सेपरेशन यूनिट और हो रही तैयार

May 17th, 2021

4-4 घंटे बंद रहते हैं प्लांट, ऑक्सीजन की कम हुई डिमांड
डिजिटल डेस्क जबलपुर । 
कोरोना संक्रमित होने के बाद मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। हाल ऐसे थे कि फुल लोड पर 24 घंटे शहर के तीनों ऑक्सीजन प्लांट चल रहे थे इसके बाद भी डिमांड पूरी नहीं हो रही थी। अब स्थिति थोड़ी सी बदली है। अस्पतालों से ऑक्सीजन सिलेंडर िरफिल होने की माँग थोड़ी कम हुई है जिससे तीनों प्लांट रात में 4-4 घंटे के लिये बंद भी रहते हैं। कई बार तो सुबह भी प्लांट 1 से 2 घंटे के लिये बंद हो रहे हैं। शहर के साथ ही आसपास के जिलों से हर दिन 38 सौ से 4 हजार सिलेंडर की िडमांड ही आ रही है जो आसानी से िरफिल करके पहुँचाये भी जा रहे हैं। वहीं इनमें से हर दिन 7 सौ सिलेंडर आसपास के जिले में भी सप्लाई हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब ऑक्सीजन को लेकर कोई परेशानी नहीं है। 
क्या वजह है ऑक्सीजन की माँग कम होने की
मरीजों की संख्या बढऩे और हाई फ्लो ऑक्सीजन लगने से अस्पतालों में ज्यादा सिलेंडर लग रहे थे। अप्रैल माह में लिक्विड टैंकर के न आने से भी ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। अभी मरीजों की संख्या कम हुई है जिससे ऑक्सीजन की डिमांड उस हिसाब से कम है। कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन कन्संट्रेटर रखे हैं जिससे भी काम चल रहा है। कई अस्पतालों में सेपरेशन यूनिट लग गई हैं जिससे भी सिलेंडर की माँग कम हुई है। इसी तरह कई मरीजों को हाई फ्लो ऑक्सीजन लग रही थी उनकी संख्या भी कम हुई है। िलक्विड टैंकर की डिमांड 4 हजार मीट्रिक टन की है और हर दिन 42 सौ मीट्रिक टन लिक्विड आ रही है। 
घट रही है ऑक्सीजन की माँग
पहले जिस तरह प्लांट 24 घंटे चल रहे थे अब वह स्थिति नहीं है। रात में तो 3 से 4 घंटे प्लांट बंद रहते हैं कई बार दिन में भी प्लांट बंद रहते हैं। सिलेंडर की डिमांड भी कम हुई है। 
 अनुराग तिवारी, डिप्टी कलेक्टर