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कटंगा फ्लाई ओवर को अब नए फाइनेंशियल ईयर तक टाला गया, कोई बड़ी वजह नहीं तब भी प्रक्रिया अटकी

कटंगा फ्लाई ओवर को अब नए फाइनेंशियल ईयर तक टाला गया, कोई बड़ी वजह नहीं तब भी प्रक्रिया अटकी

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कटंगा तिराहे से नर्मदा रोड की ओर  प्रस्तावित फ्लाई ओवर का नए साल के आरंभ के साथ ही निर्माण शुरू हो जाना था, पर अब इसकी निर्माण प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया गया है। कोई बड़ी वजह नहीं है तो भी बताया जा रहा है लोक निर्माण मंत्रालय भोपाल से इसको नए फाइनेंशियल ईयर तक रोक दिया गया है। संभावना अब यही बताई जा रही है कि 30 करोड़ से बनने वाला  यह फ्लाई ओवर अब नये वित्तीय वर्ष यानी मार्च के बाद ही प्रक्रिया में आयेगा। गौरतलब है कि आधा किलोमीटर से लंबा यह ब्रिज कुछ माह पहले स्वीकृत हुआ और इसका टेण्डर जारी कर दिया गया। टेण्डर प्रक्रिया भी टेक्निकल स्टेज से कुछ आगे बढ़ी पर अचानक  उस पर ब्रेक लग गया है। लोक निर्माण सेतु के अधिकारियों के अनुसार फ्लाई ओवर की निर्माण प्रक्रिया जैसे टेण्डर  फाइनल होना, फिर कंपनी तय होना, एग्रीमेंट जैसी कई प्रक्रियाओं से गुजरना है। कटंगा तिराहे पर फ्लाई ओवर जिस हिस्से से बनना है वहाँ पर नाली  निर्माण, विद्युत पोल सहित अन्य बाधाओं को पहले अलग किया जाना है। इसके लिए मूल स्वीकृत बजट से ही कार्य किया जाना है। अभी फिलहाल इसमें कोई गति नहीं है। भोपाल से कोई जानकारी स्थानीय स्तर पर नहीं मिल सकी है। लोक निर्माण सेतु के ईई प्रभाकर सिंह परिहार कहते हैं कि अभी इस फ्लाई ओवर के विषय में कोई आदेश नहीं आये हैं और आगे की कोई जानकारी नहीं है। 
निकलने में होगी आसानी 
 इस टू-लेन फ्लाई ओवर के ऊपर जो सड़क होगी वह 8.4 मीटर यानी करीब 28 फीट चौड़ी होगी। इतनी सड़क से केण्ट एरिया से आ रहे वाहन आसानी से नर्मदा रोड की ओर यानी  बंदरिया तिराहे की ओर जा सकते हैं। अभी जो नीचे की सड़क है उसमें इस दौरान आसानी से यातायात संचालित हो सकता है। यह एक हिस्से का फ्लाई ओवर होगा इसको भविष्य के नजरिए से विकसित िकया जाएगा। 
अभी तिराहे पर ट्रैफिक बड़ी समस्या
इस तिराहे पर भी शहर के अन्य तिराहे और चौराहे के जैसे ही शाम के वक्त और ऑफिस के पीक टाइम पर  जाम की स्थिति निर्मित होती है। गोरखपुर से जो लोग  केण्ट की ओर जाते हैं वे बायें हिस्से में शाम के वक्त जाम में फंस जाते हैं। इसी तरह केण्ट के हिस्से से नर्मदा की ओर जो जाते हैं वे भी जाम में फँस जाते हैं। सिग्नल यहाँ पर लगा जरूर है पर ज्यादातर समय में ट्रैफिक की समस्या से निजात नहीं है।  आगे दावा किया जा रहा है कि फ्लाई ओवर निर्माण से तिराहे पर ही नहीं आसपास ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलेगी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।