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दैनिक भास्कर हिंदी: धनिया से पकड़े गए तेंदुए की टाइगर सफारी में मौत, जांच के लिए फोरेंसिक लैब जबलपुर भेजा शव

November 8th, 2020



डिजिटल डेस्क सतना। उचेहरा वन परिक्षेत्र की धनिया बीट से ट्रैंक्युलाइज कर मुकुंदपुर स्थित  व्हाइट टाइगर सफारी ले जाए गए 10 साल के नर तेंदुए की शनिवार को सुबह पौने 6 बजे मौत हो गई। डीएफओ राजेश राय ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच के लिए तेंदुए की मौत के कारणों की जांच के लिए लीवर, किडनी, हार्ट फेफड़ा और अन्य आवश्यक आर्गन के सेंपल प्रिजर्व कराए गए हैं। इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब जबलपुर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले रीवा सीसीएफ आनंद कुमार सिंह, टाइगर सफारी के डायरेक्टर संजय राय खेरे, डा. राजेश तोमर, वेटरनरी कालेज रीवा के प्रोफेसर डा. तैयाबली और सतना     उप वन मंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया।
 नहीं थे नाखून और नुकीले दांत -
डीएफओ ने बताया कि तेंदुए का व्यवहार असमान्य था। शुरु में माना गया कि टैक्युलाइज करने से बेहोशी के कारण ऐसा होगा लेकिन जब वह खड़े होने की कोशिश के दौरान गिरने लगा और फिट आने के कारण वह सुस्त हो गया तो उसका मेडिकल चेकअप कराया गया। जांच में पाया गया कि उसके केनाइन (नुकीले) दांत टूटे हुए थे। उसके नाखून भी झड़ चुके थे। लगभग 10साल के इस बूढ़े हो चुके नर तेंदुए  के पैरों में चोंट के भी निशान थे। माना जा रहा है कि या तो उसकी जंगल में फाइट हुई थी या फिर वह वायरल इन्फैक्शन या फिर रेबीज जैसी किसी बीमारी से पीडि़त था। संभव है, इसी वजह से असामान्य व्यवहार के कारण वह अपनी बिरादरी से बहिष्कृत रहा हो।
 ऐसे आया था पकड़ में -
 उल्लेखनीय है, उचेहरा वन परिक्षेत्र के धनिया गांव में 6 नवंबर को इसी तेंदुए  
 को सबसे पहले एक आदिवासी के घर पर देखा गया था। थोड़ी देर बात उचेहरा -परसमनिया रोड पर वन बैरियर के पास एक नाले से अचानक प्रकट हुए इसी तेंदुए ने सड़क से निकलने वाले फोर व्हीलर्स के सामने आना शुरु कर दिया था। लोक हित को ध्यान में रखते हुए टाइगर सफारी से रेस्क्यू टीम मौके पर बुलाई गई। वाइल्ड लाइफ से अनुमति मिलने के बाद अंतत: तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज कर मुकुंदपुर ले जाया गया।

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