दैनिक भास्कर हिंदी:  पद पर नियुक्ति के लिए तैयार की गई चयनित उम्मीदवारों की सूची सिर्फ एक साल के लिए वैध-हाईकोर्ट

June 28th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में साफ किया है कि पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की चयनित सूची की वैधता सिर्फ एक साल तक ही होती है। किसी के नौकरी छोड़ने के चलते रिक्त हुए पद पर चयनित उम्मीदवारों की प्रतिक्षा सूची में शामिल शख्स की नियुक्ति एक साल के बाद नहीं की जा सकती है। न्यायमूर्ति आरवी मोरे व न्यायमूर्ति भारती डागरे की खंडपीठ ने रमेश लोंढे की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है। याचिका में दावा किया गया था कि साल 2015 में जिला परिषद में पशुओं की निगरानी (लाइव स्टाक सुपरवाइजर) के लिए पर्यवेक्षक के 6 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसमे से दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। एक पद भूतपूर्व सैनिक व एक पद अंशकालिक कर्मचारी के लिए आरक्षित किया गया थे। शेष पद सामान्य वर्ग के लिए थे। उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। याचिकाकर्ता का नाम प्रतीक्षा सूची में था। 

याचिका में लोंढे ने दावा किया था कि नियुक्ति के बाद एक चयनित उम्मीदवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसलिए इस्तिफे के चलके रिक्त हुए  पद पर उसे नियुक्ति प्रदान की जाए। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि नियमानुसार चयनित उम्मीदवारों की सूची सिर्फ एक साल के वैध होती है। इस मामले में चयनित उम्मीदवारों की सूची साल 2015 में तैयार की गई थी। लिहाजा अब इस सूची के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। याचिकाकर्ता का नाम पद के लिए तैयार की गई प्रतीक्षा सूची में था महज इस आधार पर अपने आप उसकी नियुक्ति नहीं की जा सकती है। यदि रिक्त पद को लेकर दोबारा विज्ञापन जारी किया जाता है तो याचिकाकर्ता उसमें हिस्सा ले सकता है। यह कहते हुए खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। 


 

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