दैनिक भास्कर हिंदी: अल्प वर्षा ने बढ़ाई किसानों की चिंता, रबी की फसल के लिए नहीं मिलेगा पानी

September 18th, 2017

डिजिटल डेस्क, शहडोल। अल्प वर्षा ने इस बार जबर्दस्त सूखे के हालात पैदा कर दिए हैं। जलाशय और बांध नहीं भरने के कारण इस बार रबी फसल के लिए किसानों को पानी मिलना मुश्किल है। धान की फसल पकाने के लिए केवल एक बार जलाशयों से पानी दिया जाएगा। जलाशयों से 18 सितम्बर से पानी छोड़ा जाएगा। जलाशयों से छोड़ा गया पानी सबसे पहले दूर दराज के किसानों को मुहैया कराया जाएगा, वहीं जलाशयों से पास किसानों को बाद में पानी मुहैया कराया जाएगा। चालू सितम्बर माह में जिन क्षेत्रों में बारिश हुई है, उन क्षेत्रों के किसानों को अभी पानी नहीं मुहैया कराया जाएगा। क्षेत्र के किसानों के पानी की मांग के बाद ही उक्त क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई के लिए एक पानी मुहैया कराया जाएगा। यह निर्णय बैठक में जिला स्तरीय जल उपभोक्ता समिति की बैठक में लिए गए। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय जल उपभोक्ता समिति की बैठक का आयोजन कलेक्टर मुकेश शुक्ला की अध्यक्षता में किया गया।

रबी फसल के लिए मांगा पानी
जल उपभोक्ता समितियों के अध्यक्षों ने बताया कि भीखमपुर जलाशय, मेहरो जलाशय, बरगवां-18, झिरिया जलाशय में रबी सीजन के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध है। उनकी मांग थी कि उक्त जलाशयों से रबी सीजन के लिए भी पानी मुहैया कराया जाए। जिस पर कलेक्टर ने कहा कि अगर उक्त जलाशयों में समुचित पानी की उपलब्धता रहती है तो रबी सीजन के लिए भी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

पानी के लिए करेंगे पेट्रोलिंग
कलेक्टर ने कहा कि जलाशयों से पानी छोडऩे के बाद टेल के किसानों को समुचित पानी मुहैया कराने के लिए पेट्रोलिंग की जाएगी। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग के सभी मैदानी कर्मचारी इस दौरान फील्ड में रहेंगे तथा किसानों को समुचित पानी मिल रहा है अथवा नहीं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। 

गर्मी के लिए रिजर्व रखा जाएगा पानी
कलेक्टर ने बताया कि जलाशयों में ग्रीष्मकाल के लिए समुचित पानी रिजर्व रखा जाएगा। उन्होने कहा कि रिजर्व पानी को पंपिंग द्वारा सिंचाई के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि शहडोल जिले में धान उपार्जन के लिए पंजीयन का कार्य कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि 30 अक्टूबर तक इसका सत्यापन कराया जाएगा। बैठक में कलेक्टर द्वारा भावांतर योजना की जानकारी दी गई। बैठक में उपसंचालक कृषि जे.एल.पेन्द्राम ने बताया कि आगामी रबी सीजन में कृषक कम पानी में पकने वाली फसलों का चयन करें। उन्होने कहा कि गेंहू की लोकवन, सी 306 किस्म कम पानी में पकने वाली किस्में हैं। इसके अलावा असिंचित चना, असिंचित मसूर, असिंचित अलसी, अद्र्धसिंचित सरसों की बोनी भी किसान कर सकते हैं।