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महाराष्ट्र : सर्पदंश से 3 साल में गई 134 जानें, देशभर में हर साल एक हजार से ज्यादा मौतें

महाराष्ट्र : सर्पदंश से 3 साल में गई 134 जानें, देशभर में हर साल एक हजार से ज्यादा मौतें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में इन तीन वर्षो में 134 लोगों को सांपों ने अपना निवाला बनाया है। इन तीन वर्षों में महाराष्ट्र में सर्पदंश के कुल 65,044 मामले प्रकाश में आए हैं। सांप काटने की घटनाएं और इससे होने वाली मौत के मामले में पश्चिम बंगाल टॉप पर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पिछले तीन वर्ष के दौरान सर्पदंश से 609 लोगों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर ओडिशा है जहां पिछले तीन साल में सर्पदंश से मरने वालों की संख्या 365 तक पहुंच गई है। उत्तरप्रदेश में इन तीन वर्षो में सांप काटने से 319 लोगों की मौत हुई है। केरल में वायनाड के एक स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा शेहला शीरीन की सर्पदंश से हुई मौत का मामला पिछले हफ्ते सुर्खियों में रहा। मामला इतना तूल पकड़ा कि लापरवाही के आरोप में स्कूल शिक्षिका को निलंबित करना पड़ा और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व स्थानीय सांसद राहुल गांधी को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखकर स्कूल की दशा सुधारने का आग्रह करना पड़ा। लेकिन सर्पदंश से मौत का यह कोई अकेला मामला नहीं है। सच्चाई यह है कि देश में प्रति वर्ष सर्पदंश के लगभग डेढ़ लाख मामले सामने आते हैं और सांपों के काटने से हर साल एक हजार से ज्यादा जिंदगियां खत्म हो जाती हैं। 

2017 में सांपों ने ली 1,060 लोगों की जान

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्राालय के मुताबिक देश मंे सांप के काटने से वर्ष 2016 में 1068 लोगांे को तो वर्ष 2017 में 1,060 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसी प्रकार वर्ष 2018 में भी मौत का यह आंकड़ा एक हजार के पार पहुंचने की संभावना है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी मानते हैं कि सांप के काटने से होने वाली मौत का आंकड़ा चिंताजनक है। उन्होने बताया कि यही वजह है कि सर्पदंश प्रबंधन को मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इस पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को सर्पदंश मामलों का उपचार करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें डायग्नोसिस, इंटराविनस फ्लूड, दहशत प्रबंधन, सर्प विष प्रतिरोध रीति तथा जटिलताओं का प्रबंधन आदि शामिल है। देखने में आता है कि ट्रॉपिकल और सब ट्रॉपिकल देशों में सांप काटने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। 
एंटी-स्नेक वीनॉम सीरम बनाने में जुटी है सरकार 

हालांकि केन्द्रीय मंत्री ने माना कि सरकारी अस्पतालों में अभी एंटी वीनॉम उत्पादन सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसे उपलब्ध कराने की कोशिश हो रही है। वैक्सीन निर्माता संस्थान एंटी-स्नेक वीनॉम सीरम के विनिर्माण में लगे हैं। फिलहाल इस काम में मुंबई का हाफकाइन बॉयो फार्मास्यूटिकल,  कसौली का सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट, ठाणे का भारत सीरम एंड वैक्सीन लिमिटेड, चेन्नई स्थित किंग इंस्टीट्यूट ऑफ प्रीवेंटिव मेडिसिन एंड रिसर्च और हैदराबाद का बाॅयोलॉजिकल ई-लिमिटेड तेजी से जुटे हैं।
बंगाल में होती है सर्पदंश से सर्वाधिक मौत

 


  वर्ष  - देश में सर्पदंश के मामले -  सर्पदंश से मृत्यु
  2016  -  1,78,433  -        1,068
  2017  - 1,58,650    -       1,060
  2018  - 1,64,031    -         885 (अनंतिम)
 

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