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दल-बदल बेअसर, काम कर रहा है अपना ही बल, बदलाव के नहीं दिख रहे आसार

October 16th, 2019 15:03 IST
दल-बदल बेअसर, काम कर रहा है अपना ही बल, बदलाव के नहीं दिख रहे आसार

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। विधानसभा चुनाव में भले ही अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस-राकांपा के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टियों को छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया हो, लेकिन इससे गोंदिया की राजनीति में कोई खासा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। मौजूदा हालत में कुछ इस तरह खिचड़ी पकी है कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। टिकट बंटवारे से पूर्व गोंदिया के कांग्रेस विधायक गोपालदास अग्रवाल कांग्रेस को गुडबाय कहकर भाजपा के टिकट से गोंदिया विस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अग्रवाल लंबे समय तक कांग्रेस के जिले में एकछत्र नेता थे। उनके साथ ही अनेक जिला परिषद, पंचायत समिति एवं नगर परिषद सदस्यों तथा कार्यकर्ताओं ने भाजपा में प्रवेश किया। इस कारण भाजपा की ताकत का इजाफा होना चाहिए था, लेकिन इस चुनाव में पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। उनके साथ भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में हैं। भाजपा ने बागी विनोद अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारियों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित तो कर दिया, लेकिन पार्टी का यह फैसला कितना सही है, यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है। 

चेहरे का असर 

उधर, कुछ माह पूर्व गोंदिया जिले के सहकार क्षेत्र के बड़े राकांपा नेता एवं एक को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष महेश जैन अपने सहयोगियों संग भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। महेश जैन सहकार क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं एवं अर्बन बैंक की शाखाएं जिले एवं जिले के बाहर भी फैली हुई हैं। सभी जगह वह बैंकों के सभासद हैं। इस कारण भाजपा को जैन के प्रवेश से राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि महेश जैन आमगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत देवरी के मूल निवासी हैं। 

बनते-बिगड़ते समीकरण

तिरोड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. खुशाल बोपचे अपने बेटे रविकांत के साथ भाजपा को राम-राम कह गए। रविकांत बोपचे राकांपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ रहे हैं। यहां भाजपा से राकांपा में दलबदल होने के कारण भाजपा को नुकसान झेलना पड़ सकता है, लेकिन इस बीच राकांपा के भी बड़े नेता पूर्व विधायक दिलीप बंसोड़ के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने से भाजपा को उम्मीद है कि बोपचे के पार्टी छोड़ जाने से उसे नुकसान नहीं होगा।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।