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मैहर शारदादेवी मंदिर चित्रकूट के मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले गए - थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दी गई दर्शन की अनुमति 

मैहर शारदादेवी मंदिर चित्रकूट के मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले गए - थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दी गई दर्शन की अनुमति 

डिजिटल डेस्क सतना। कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका पर 81 दिन पहले लॉकडाउन किए गए जिले के सभी मठ-मंदिरों को सोमवार को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शर्त के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। जिले के दोनों पवित्र तीर्थ मैहर और चित्रकूट विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कपाट खोले गए। मठ-मंदिरों में सेनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्किंग भी कराई गई है। मॉस्क का उपयोग भी अनिवार्य किया गया है।  उल्लेखनीय है, इन दोनों पवित्र धामों में हर माह लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। 
बंद रहेगा रोपवे 
एहतियात के तौर पर मैहर की मां शारदा पहाड़ी के रोपवे को अभी शुरु नहीं किया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सीढिय़ां चढ़कर ही दर्शन के लिए जाना होगा। मैहर मंदिर के अनलॉक होने के पहले ही दिन कलेक्टर अजय कटेसरिया और उनकी पत्नी ने मां शारदा के दर्शन किए। उन्होंने प्रवास के दौरान संक्रमण के खतरों के मद्देनजर प्रबंधों और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। एसडीएम सुरेश अग्रवाल और नायब तहसीलदार प्रदीप तिवारी भी उनके साथ थे।  पहले दिन कुल 544 भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। हर श्रद्धालु की स्क्रीनिंग की गई। इसके लिए बंधा बैरियर के पास स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई हैं।  
 चारो धाम भी जा सकेंगे भक्त
मठ-मंदिरों को अनलॉक किए जाने के बाद श्रद्धालु चित्रकूट के 84कोसीय परिक्रमा पथ पर स्थित जानकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया, स्फिटिक शिला जैसे चारो धाम की भी यात्रा कर सकेंगे। बताया गया है कि चित्रकूट के श्रीकामद गिरी पर्वत के प्रमुख मुखारबिंद पर थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में बेरीकेटिंग कराई गई है।  
 इन पर रहेगा प्रतिबंध
 मैहर और चित्रकूट के किसी भी मठ-मंदिर में मूर्तियों को स्पर्श करने की अनुमति नहीं रहेगी। एहतियात के तौर पर घंटा-घडिय़ाल बजाने, पुष्प और फूल माला अर्पित करने तथा चरणामृत लेने-देने पर रोक लगा दी गई है। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को समूह भी अनुमति नहीं दी गई है। नारियल और प्रसाद चढ़ाने पर भी रोक लगाई गई है। 
 बिरसिंहपुर में गैवीनाथ के दर्शन आज से 
 इसी बीच गैबीनाथ सार्वजनिक ट्रस्ट के अध्यक्ष विश्वनाथ माली ने बताया कि शासन की गाइड का पालन करते हुए 9 जून से बिरसिंहपुर में भी भगवान श्री गैबीनाथ के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भक्तों को गर्भगृह के बाहर से दर्शन की अनुमति दी गई है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।