दैनिक भास्कर हिंदी: पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल कार्यालय में लगी भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

March 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में शनिवार की सुबह अचानक दूसरी मंजिल स्थित बिजली विभाग में भीषण आग लग गई।  देखते ही देखते आग ने इतना भीषण रूप ले लिया कि पूरे विभाग की फाइलें, कम्प्यूटर, सहित अन्य जरूरी दस्तावेज, फर्नीचर जलकर खाक हो गया। सूचना पर नगर निगम के दमकल विभाग तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग को अन्य विभागों में फैलने से रोका। डीआरएम ने आग लगने की घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच कराने की बात कही है।

इस संबंध में फायर बिग्रेड के फायरमेन सुरेन्द्र राजपूत ने बताया कि सुबह 9.20 पर उमाशंकर नामक व्यक्ति ने सूचना दी कि डीआरएफ ऑफिस में आग लग गई है। सूचना पर तत्काल मौके पर 3 गाड़ी पानी रवाना किया गया। आग लगने का कारण अज्ञात है। इसके साथ ही कितनी क्षति हुई, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है। तकरीबन दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया है। राजपूत ने बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो आग अन्य विभागों में भी फैल सकती थी।

वहीं रेलवे सूत्रों ने घटना के संबंध में जानकारी दी कि मंडल अभियंता विद्युत सामान्य आफिस का प्यून कार्यालय पहुंचा और उसने मेन स्विच ऑन किया, स्विच ऑन होते ही कार्यालय के मुख्य हाल में आतिशबाजी जैसी बिजली की तारेें जलने लगी, जिससे भगदड़ मच गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता, पूरा बिजली कार्यालय धू-धूकर जलने लगा।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की जानकारी लगते ही मौके पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों ने आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी दौरान डीआरएम डा. मनोज सिंह, डीएससी अनिल भालेराव सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर दमकर विभाग के तीन वाहन भी मौके पर पहुंचे और आग को काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक आग को बुझा पाता, तब तक पूरा बिजली विभाग जलकर राख हो चुका था।

करोड़ों के नुकसान की आशंका
रेलवे के सूत्रों की मुताबिक रेलवे को इस आग की घटना में करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। नुकसान में दर्जनों कम्प्यूटर, एसी, फर्नीचर, विद्युत उपकरण तो शामिल हैं ही साथ ही लगभग 80 से 100 साल पुराने मंडल के रिकार्ड हैं, जो फाइलों में थे, सभी नष्ट हो चुके हैं।

चार अफसरों की टीम गठित-
इस मामले में डीआरएम डा. मनोज कुमार सिंह ने चार अफसरों की जांच टीम गठित की है, जो एक सप्ताह में घटना के कारणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस टीम में मंडल संरक्षा आयुक्त, मंडल सुरक्षा अधिकारी, मंडल विद्युत अभियंता, मंडल अभियंता मुख्यालय शामिल हैं।