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मकर संक्रांति श्रृद्धालुओं ने लगायी आस्था की डूबकी, देवालयों में देवों के दर्शन और मेलों में उमड़ी भीड़

मकर संक्रांति श्रृद्धालुओं ने लगायी आस्था की डूबकी, देवालयों में देवों के दर्शन और मेलों में उमड़ी भीड़


डिजिटल डेस्क जबलपुर/ पन्ना। भगवान सूर्य देव धनुराशि से मकर राशि में प्रवेश करने और इसी दिन से सूर्य देव के दक्षणायन से उत्तरायण होने पर पवित्र पर्व मकर संक्रांति आज जिले भर में परम्परागत तरीके से उत्साह पूर्वक मनाया गया। ज्योतिषि गणना एवं जानकारी के अनुसार भगवान सूर्यदेव का 15 जनवरी 2020 को सुबह 2 बजकर 8 मिनिट पर मकर राशि में प्रवेश कर गये और भगवान सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद 15 जनवरी को सुबह होने के साथ ही मकर संक्रांति का उत्सव शुरू हो गया। मकर संक्रांति का प्रथम पुण्य काल 7 बजकर 15 मिनिट से 9 बजे तक का था इस शुभ पुण्य काल के दौरान लोगो ने आस्था की डूबकी लगाते हुये दान पुण्य करने को लेकर उमंग और उत्साह देखा गया। श्रृद्धालुओं ने मकर संक्रांति के पर्व पर प्रसिद्ध स्थलों के जलीय कुण्डों, नदी एवं सरोबरों में आस्था की डूबकी लगाने के लिये पहुंच गये। जबलपुर के भेड़ाघाट, तिलवारा घाट, ग्वारीघाट सहित अन्य नर्मदा तटों में भक्तों की भीड़ रही। सभी ने नर्मदा स्नान कर पुण्य लाभ लिया। 
 पन्ना शहर जो कि धार्मिक नगरी है यहां पर मकर संक्रांति के पर्व पर हजारों की संख्या में श्रृद्धालु मंदिरों के दर्शन करने के लिये पहुंचे भगवान श्री जुगल किशोर सरकार के मंदिर में विराजमान श्री जुगल किशोर जी के दर्शन करने के लिये सुबह के पट खुलने के साथ ही हजारों की संख्या में श्रृद्धालु पहुंच चुके थे और उनके द्वारा मंदिर की परिक्रमा करते हुये मनोकामनायें पूरी करने वाले जुगल किशोर सरकार के दर्शन प्राप्त किये। इसके साथ ही साथ मकर संक्रांति पर्व की मान्यता के अनुसार श्रृद्धालुओं द्वारा गरीबों को गुड़, तिल, खिचड़ी, अन्न दान, कम्बल, ऊनी कपड़े दान किये। श्री जुगल किशोर जी मंदिर में पूरे दिन श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही पन्ना नगर ही नही आपितु जिले के ग्रामीण अंचलों सहित आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रृद्धालु गण भगवान के दर्शन करने के लिये पहुंचे मकर संक्रांति पर्व पर श्री जुगल किशोर जी मंदिर के साथ ही नगर में स्थित प्रसिद्ध मंदिर श्रीराम जानकी मंदिर, बल्देव जी मंदिर, गोविन्द जी मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिये श्रृद्धालुओं का ताता लगा रहा। 
सारंगधर धाम में हुई सात दिवसीय मेले की शुरूआत-
परम्परागत रूप से मकर संक्रांति के अवसर पर जिले के प्रसिद्ध स्थलों में मेले का हर वर्ष आयोजन होता है इनमें से कई स्थानों में सैकड़ों सालों से मेले लगते आ रहे है। पन्ना जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर स्थित अरण्यक स्थली सारंगधर धाम जहां पर जहां पर मुनि सुतीक्षण जी का आश्रम है और इस स्थान को लेकर मान्यता है कि भगवान श्रीराम जी सारंगधर धाम स्थित इसी सुतीक्षण आश्रम में पहुंचे थे। प्रसिद्ध सारंगधर धाम को लेकर सनातन परम्परा के अनुसार सारंग में मकर संक्रांति के पर्व पर विशाल मेले का आयोजन हर वर्ष होता है। मकर संक्रांति के पर्व पर सारंगधर धाम में लगने वाले भव्य मेले की गत दिवस से शुरूआत हो गयी मेला सात दिन तक चलेगा।   
पण्डवन मेले में उमड़ा जनसैलाव-
अमानगंज अंतर्गत स्थित सात नदियों की संगम स्थली पण्डवन में आज मकर संक्रांति के पर्व पर हर वर्ष की तरह मेले का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और यहां पर उत्साह के साथ मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया लोगों द्वारा जम कर खरीदारी की गयी और पवित्र स्थानों पर मत्था टेकर कर अपने और अपने परिवार तथा क्षेत्र में सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की गयी। 
ककरहटा में लगा झिन्ना का प्राचीन मेला-
ककरहटी के पास ग्राम पंचायत ककरहटा के प्राकृतिक प्राचीन झरना जहां मिढासन नदी के किनारे से प्राचीन काल से स्वत: ही एक खोह से 12 महीने पानी की अविरल धारा बहती है चाहे कितनी भी सूखे जैसी भयानक प्राकृतिक आपदायें पड़ी लेकिन यह ककरहटा का मिढासन नदी का झरना कभी नहीं सूखा। भयानक सूखे के समय में भी इस झरने से सदा पानी की अविरल धारा बहती चली आ रही है यह धारा कहां से आती है किसी को पता नहीं है इसी प्राकृतिक झरने के महत्व के चलते प्राचीन काल से मेला मकर संक्रांति के अवसर पर ककरहटा मे लगता चला आ रहा है।  

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