comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

राष्ट्रीय पंचकर्म संगोष्ठी में 200 से अधिक शोध प्रबंध प्रस्तुत, 835 ने कराया रजिस्ट्रेशन

राष्ट्रीय पंचकर्म संगोष्ठी में 200 से अधिक शोध प्रबंध प्रस्तुत, 835 ने कराया रजिस्ट्रेशन

डिजिटल डेस्क,नागपुर।  श्री आयुर्वेद महाविद्यालय नागपुर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पंचकर्म संगोष्ठी का समापन भारतीय वैद्यक समन्वय समिति के उपाध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। डॉ. शर्मा ने कहा कि, प्राचीनतम शोधन चिकित्सा पंचकर्म का  आधुनिक स्वरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज प्रचलित है। राष्ट्रीय  पंचकर्म संगोष्ठी में देशभर से कुल  835  प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। 200 शोध प्रबंध प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी अंतर्गत विभिन्न पंचकर्म क्रियाएं जैसे स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, बस्ति, नस्य एवं रक्तमोक्षण के प्रात्यक्षिक कार्यशाला में दिखाए गए तथा पंचकर्म चिकित्सा की प्रदर्शनी में पंचकर्म की प्रतिकृति, द्रव्यों का संकलन में स्नातक विद्यार्थियों द्वारा क्रियाओं के चलचित्र, रंगोली, चित्रकला आदि का प्रस्तुतिकरण किया गया। संगोष्ठी में संपूर्ण भारत  से आए पंचकर्म विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सक, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को जटिल व्याधियों में पंचकर्म चिकित्सा के व्याख्यान दिए गए। साथ ही उनके प्रात्याक्षिक क्रियाओं का प्रसारण दिखाया गया।जिसे सभी नेे गौर से समझा और इसे अपनाने की प्रतक्रिया भी दी।

विद्यार्थियों का सत्कार

संगोष्ठी में 3 स्मारिका ‘दृष्टकर्म’, ‘पंचकर्म चिकित्सा विज्ञान’ एवं ‘स्नातकोत्तर की प्रवेश परीक्षा पुस्तिका’ का विमोचन किया गया।  संगोष्ठी में प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट शोध प्रबंध, उत्कृष्ट छायाचित्र, सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकरण की श्रेणी में आए विद्यार्थियों का सत्कार किया गया। मंच पर संस्था के सचिव डॉ. गोविंद प्रसाद उपाध्याय, प्रमुख अतिथि येरला मेडिकल ट्रस्ट आयुर्वेद महाविद्यालय मुंबई के पूर्व प्राचार्य डॉ. यू. एस. निगम, आयुर्वेद महाविद्यालय कोट्टकल के   प्राचार्य डॉ. जयदेवन, डॉ. संतोष भट्टड़, डॉ. धनराज गहुकर, डॉ. प्रकाश मंगलसेरी, डॉ. सचिन चंडालिया, डॉ. श्रीरंग गलगली, डॉ. आशीष मेहता, डॉ. मनोज शामकुंवर, डॉ. मुकेश शुक्ला उपस्थित थे। समारोह का संचालन डॉ. अर्चना बेलगे ने किया। आभार प्रदर्शन संगोष्ठी सहसचिव डॉ. समीर गिरडे ने किया। सफलतार्थ डॉ. जयकृष्ण छांगाणी, डॉ. कल्पेश उपाध्याय, डॉ. योगिता बेंडे, डॉ. शिल्पा चाफले, प्राध्यापक डॉ. मनीषा कोठेकर, डॉ. स्नेहविभा मिश्रा, डॉ. बृजेश मिश्रा, डॉ. प्रमोद गर्जे, डॉ. देवयानी ठोकल, डॉ. योगेश बड़वे आदि ने परिश्रम किया।

कमेंट करें
zhw2C
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।