परेशानी : सीबीएसई के नतीजों में देरी से 11वीं में खाली रह सकती हैं 25 हजार से अधिक सीटें

July 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। इस वर्ष सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम जारी करने में बहुत देर हो रही है। इसके कारण उच्च शिक्षा क्षेत्र का समीकरण बिगड़ गया है। 11वीं प्रवेश प्रक्रिया की बता करें, तो सीबीएसई के नतीजे नहीं आने के कारण नागपुर शहर की प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई है। शहर के 210 जूनियर कॉलेजों में करीब 59 हजार सीटें हैं। शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि जब तक सीबीएसई के नतीजे नहीं आते, नागपुर शहर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं होगी, दूसरी ओर शिक्षा विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का आदेश भी जारी कर दिया है। इससे शहर में रहने वाले अधिकांश विद्यार्थी शहर से सटे ग्रामीण इलाकों के जूनियर कॉलेजों में प्रवेश निश्चित कर चुके हैं, क्योंकि यहां एक कोचिंग और कॉलेज टाइअप वाला समीकरण काम करता है। उल्लेखनीय है कि शहर के विद्यार्थी नामी-गिरामी कोचिंग सेंटरों में जेईई और नीट की कोचिंग करते हैं। इन कोचिंग सेंटरों का जूनियर कॉलेजों से टाइअप होता है, जिसके चलते 11वीं और 12वीं में दो साल विद्यार्थियों को जूनियर कॉलेज की ओर से कोई बंधन नहीं होता। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवेश शुरू करने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी वहां प्रवेश ले चुके हैं। इसमें ऐसे विद्यार्थी भी शामिल हैं, जो सीबीएसई बोर्ड के हैं और उनके नतीजे आने शेष हैं। इन विद्यार्थियों ने कोचिंग सेंटर में प्रवेश लेकर जूनियर कॉलेज में अपनी सीट फिक्स कर रखी है। 

मांग पर नहीं दिया गया ध्यान : केंद्रीय प्रवेश समिति के सदस्य रवींद्र फडणवीस के अनुसार शिक्षा विभाग के इस फैसले से शहर के जूनियर कॉलेजों के प्रवेश पर काफी असर पड़ेगा। सभी विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों के जूनियर कॉलेजों में चले जाएंगे। इससे नागपुर शहर में 28 से 29 हजार सीटें खाली रह जाएंगी। उन्होंने शिक्षा विभाग से नागपुर शहर की 11वीं कक्षा की केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया रद्द करने की मांग की, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 

20% सीटें बढ़ाएगा नागपुर विवि : 12वीं कक्षा के सीबीएसई के नतीजे जारी नहीं होने से विद्यार्थियों का कॉलेजों में प्रवेश रुका हुआ है। इस वर्ष कॉलेज में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को विवि की वेबसाइट पर पंजीयन करना था। इसकी अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में विवि ने फैसला लिया है कि सीबीएसई के नतीजे आने के बाद सीबीएसई के विद्यार्थियों के लिए एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा, साथ ही जो कॉलेज अपनी सीटें बढ़ाना चाहें, उन्हें 20 प्रतिशत तक सीटें बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।