दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर का मेंटल हॉस्पिटल बनेगा स्किल सेंटर, देंगे वोकेशनल ट्रेनिंग

September 4th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रीजनल मेंटल हॉस्पिटल नागपुर में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ‘डे केयर सेंटर’ की  सुविधा शुरू होगी। सेंटर में उपचार के बाद मरीजों के पुनर्वास के लिए उन्हें वोकेशनल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा मानसिक अस्पतालों के उन्नयन कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत रीजनल मेंटल हॉस्पिटल नागपुर में सुविधाएं बढ़ाने के लिए एक करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 23.60 लाख फैमिली यूनिट पांच और छह के उन्नयन के लिए, 51.27 लाख प्रशासनिक भवन और डे केयर भवन के सौंदर्यीकरण के लिए, 31.72 लाख पार्किंग स्पेस के विकास के लिए मंजूर किया गया है। फैमिली यूनिट का उन्नयन लंबे समय से लंबित था, जबकि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डे केयर सेंटर नई सुविधा जोड़ी जा रही है। यह सेंटर मानसिक उपचार करा रहे मरीजों के लिए स्किल सेंटर की तर्ज पर काम करेगा। बीमारी से उबरने वालों को यहां वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। सेंटर लंबे उपचार के बाद ठीक होने वाले मरीजों के साथ-साथ ओपीडी के मरीजों के पुनर्वास पूरी तरह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।    

बेहतरीन मानसिक उपचार के लिए समिति का गठन

राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग ने 23 सदस्यीय कमेटी की स्थापना की है। कमेटी विश्व में उपलब्ध बेहतरीन मानसिक उपचार सेवा को राज्य के मानसिक अस्पतालों में लागू किए जाने का अध्ययन करेगी। स्वास्थ्य सेवा कमिश्नर डॉ. अनूप कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी तीन माह में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। कमेटी में मानसिक स्वास्थ्य सेवा की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अर्चना पाटील सदस्य सचिव के तौर पर शामिल हैं। अन्य सदस्यों में राज्य विधान परिषद के सदस्य हेमंत टाकले, मुंबई के मनोचिकित्सक डॉ संजय कुमावत, इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजिकल हेल्थ के निदेशक डॉ. आनंद नाडकर्णी, मनोविज्ञानी और टाटा ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर तसनीम राजा शामिल हैं। नागपुर के रीजनल मेंटल हॉस्पिटल से भी प्रतिनिधि को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। मेंटल हेल्थ केयर एक्ट 2017 के अनुसार सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवा व मानसिक उपचार सेवा प्रदान करने वालों के लिए दिशा-निर्देश तैयार और जारी कर सकती है। 

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