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नायब तहसीलदार पर जुर्माना, एसडीएम और स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस जारी

नायब तहसीलदार पर जुर्माना, एसडीएम और स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस जारी

समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण न करने पर 4 अधिकारियों पर कार्रवाई
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
आम जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण न करने पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने एक नायब तहसीलदार पर जुर्माना लगाया है,  वहीं एसडीएम, स्वास्थ्य अधिकारी और एक नायब तहसीलदार को शोकॉज नोटिस जारी किया है। 
इस संबंध में प्रभारी प्रबंधक लोकसेवा प्रबंधन चित्रांशु ित्रपाठी ने बताया कि नायब तहसीलदार रांझी रूपेश्वरी कुंजाम के पास 2 प्रकरण कई दिनों से लंबित थे। प्रकरणों के निराकरण को लेकर नोटिस भी दिया गया, लेकिन उसका कोई जवाब नायब तहसीलदार ने नहीं दिया जिसके बाद कलेक्टर ने 1 हजार रुपये अर्थदण्ड लगाने का आदेश जारी किया। जुर्माना की यह राशि लोकसेवा मद में ट्रेजरी के माध्यम से जमा करनी होगी। इसी तरह एसडीएम गोरखपुर के पास एक प्रकरण, नायब तहसीलदार पिपरिया गौरव पांडे के पास 10 प्रकरण और नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी भूपेन्द्र सिंह के पास 9 प्रकरण लंबित थे। स्वास्थ्य अधिकारी ने 4 प्रकरण तो लंबित ही रखे, वहीं 5 प्रकरणों में गलत निराकरण करके प्रकरणों का निपटारा किया जिसके कारण तीनों ही अधिकारियों को शोकॉज नोटिस दिया गया है। जिले के सभी अधिकारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है जो प्रकरणों को लंबित रखे हुए हैं इन 
पर भी कार्रवाई की जायेगी। 
कीटनाशक एवं बीज विक्रय करने वाले एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त, एक का निलंबित
कीटनाशक और बीज विक्रय करने वाले मेसर्स नर्मदा कृषि केन्द्र नंदग्राम विकासखंड मझौली का कीटनाशी एवं बीज विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। वहीं उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन करने पर मेसर्स इफको ई-बाजार कृषि उपज मंडी मेन रोड पाटन का उर्वरक लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। उपसंचालक कृषि एसके निगम ने बताया कि मेसर्स नर्मदा कृषि केन्द्र के महेश कुमार पटेल को निर्देशित किया गया है कि प्रतिष्ठान में भण्डारित उर्वरक, कीटनाशी एवं बीज विक्रय प्रतिबंधित किया जाता है। 


 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।